बिजनेस
माइक्रोसॉफ्ट 2030 तक कार्बन उत्सर्जन में 75 फीसदी करेगी कटौती
सैन फ्रांसिस्को, 15 नवंबर (आईएएनएस)| जलवायु परिवर्तन को ‘एक तत्काल समस्या’ बताते हुए दुनिया के सभी उद्योगों से इसके समाधान के लिए कदम उठाने की मांग करने हुए माइक्रोसॉफ्ट ने अपने परिचालन कार्बन उत्सर्जन को 2030 तक 73 फीसदी घटाने का वचन दिया है, जिसके लिए 2013 की आधार रेखा निर्धारित की गई है।
माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष और मुख्य कानूनी अधिकारी ब्रैड स्मिथ ने मंगलवार देर रात एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, हम अपने कार्बन तटस्थता और नवीकरणीय ऊर्जा प्रतिबद्धताओं के साथ-साथ ऊर्जा दक्षता में निवेश के साथ निरंतर प्रगति के माध्यम से ऐसा करेंगे।
माइक्रोसॉफ्ट का मानना है कि इस लक्ष्य को पूरा करने से कंपनी पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों के पूरा करने के रास्ते पर चलेगी, कई वैज्ञानिकों का मानना है कि वैश्विक तापमान वृद्धि को 2 डिग्री से नीचे रखने की जरूरत है।
स्मिथ ने कहा, हमारा अनुमान है कि इससे 2030 तक 1 करोड़ मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कटौती होगी।
यहां तक कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून में यह घोषणा की थी कि वे पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका को बाहर निकाल रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि वह लगभग एक दशक से अपने कार्बन पदचिन्हों को कम करने के लिए कदम उठा रहा है।
बिजनेस
जियो ने जोड़े सबसे अधिक ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’- ट्राई
नई दिल्ली| भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस जियो ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’ जोड़ने के मामले में सबसे आगे है। सितंबर महीने में जियो ने करीब 17 लाख ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’ जोड़े। समान अवधि में भारती एयरटेल ने 13 लाख तो वोडाफोन आइडिया (वीआई) ने 31 लाख के करीब ग्राहक गंवा दिए। ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’ जोड़ने के मामले में जियो लगातार दूसरे महीने नंबर वन बना हुआ है। एयरटेल और वोडाआइडिया के ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’ नंबर गिरने के कारण पूरे उद्योग में सक्रिय ग्राहकों की संख्या में गिरावट देखी गई, सितंबर माह में यह 15 लाख घटकर 106 करोड़ के करीब आ गई।
बताते चलें कि टेलीकॉम कंपनियों का परफॉर्मेंस उनके एक्टिव ग्राहकों की संख्या पर निर्भर करता है। क्योंकि एक्टिव ग्राहक ही कंपनियों के लिए राजस्व हासिल करने का सबसे महत्वपूर्ण जरिया है। हालांकि सितंबर माह में पूरी इंडस्ट्री को ही झटका लगा। जियो, एयरटेल और वीआई से करीब 1 करोड़ ग्राहक छिटक गए। मतलब 1 करोड़ के आसपास सिम बंद हो गए। ऐसा माना जा रहा है कि टैरिफ बढ़ने के बाद, उन ग्राहकों ने अपने नंबर बंद कर दिए, जिन्हें दो सिम की जरूरत नहीं थी।
बीएसएनएल की बाजार हिस्सेदारी में भी मामूली वृद्धि देखी गई। इस सरकारी कंपनी ने सितंबर में करीब 15 लाख वायरलेस डेटा ब्रॉडबैंड ग्राहक जोड़े, जो जुलाई और अगस्त के 56 लाख के औसत से काफी कम है। इसके अलावा, बीएसएनएल ने छह सर्किलों में ग्राहक खो दिए, जो हाल ही की वृद्धि के बाद मंदी के संकेत हैं।
ट्राई के आंकड़े बताते हैं कि वायरलाइन ब्रॉडबैंड यानी फाइबर व अन्य वायरलाइन से जुड़े ग्राहकों की कुल संख्या 4 करोड़ 36 लाख पार कर गई है। सितंबर माह के दौरान इसमें 7 लाख 90 हजार नए ग्राहकों का इजाफा हुआ। सबसे अधिक ग्राहक रिलायंस जियो ने जोड़े। जियो ने सितंबर में 6 लाख 34 हजार ग्राहकों को अपने नेटवर्क से जोड़ा तो वहीं एयरटेल मात्र 98 हजार ग्राहक ही जोड़ पाया। इसके बाद जियो और एयरटेल की बाजार हिस्सेदारी 32.5% और 19.4% हो गई। समान अवधि में बीएसएनएल ने 52 हजार वायरलाइन ब्राडबैंड ग्राहक खो दिए।
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