पटना। करीब दो महीने पहले पटना के फुलवारीशरीफ स्थित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के दफ्तर में आतंकी ट्रेनिंग कैंप का भंडाफोड़ करने के क्रम में एनआईए की टीम आज बिहार के कई शहरों में छापेमारी करने पहुंची है।
पीएफआई टेरर मॉड्यूल मामले में एनआईए की अलग-अलग टीमें दरभंगा, अररिया, सारण, कटिहार, वैशाली और मुजफ्फरपुर जिले में गुरुवार सुबह से छापेमारी कर रही हैं। फुलवारीशरीफ में आतंकी ट्रेनिंग कैंप के नामजद आरोपियों के ठिकानों की तलाशी ली जा रही है।
परवेज आलम, सनाउल्लाह, मुस्तकीम समेत अन्य संदिग्ध आतंकियों के परिजनों से एनआईए के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। दरभंगा के सिंहवाड़ा थाने के शंकरपुर गांव में गुरुवार सुबह एनआईए की टीम पहुंची।
इस गांव के सनाउल्लाह और मुस्तकीम के खिलाफ पटना के फुलवारीशरीफ थाने में एफआईआर दर्ज है। मुस्तकीम घर पर नहीं है, उसके परिजन से पूछताछ की जा रही है। दरभंगा के उर्दू मोहल्ले में नुरूद्दीन जंगी के घर पर भी पूछताछ की जा रही है। तीनों के घरों को चारों तरफ से घेर लिया गया है। किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं है।
नुरूद्दीन जंगी का मोबाइल जब्त
वहीं सारण जिले के रुदलपुर गांव में भी एनआईए की टीम पहुंची है। यहां पीएफआई के सदस्य और सरकारी शिक्षक परवेज आलम के घर पर तलाशी ली जा रही है। एनआईए के साथ स्थानीय पुलिस की टीम भी मौजूद है। फुलवारीशरीफ थाने में दर्ज एफआईआर में परवेज आलम 26वां आरोपी है। एनआईए अधिकारियों ने परवेज आलम का मोबाइल और कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं।
वैशाली में मोहम्मद रेयाज के घर छापा
इसके अलावा वैशाली जिले के चेहराकलां के ताल सेहान गांव में मोहम्मद रेयाज अहमद के यहां भी छापेमारी चल रही है। मुजफ्फरपुर के गौरिहर के एक गांव में भी छापेमारी की खबर है। अररिया जिले के जोकीहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत अरतिया गांव में इंजीनियर एहसान परवेज के घर एनआईए टीम जांच कर रही है।
कटिहार से एक शख्स हिरासत में
एनआईए की टीम कटिहार के बरारी और हसनगंज में छापेमारी कर रही है। एसपी जितेंद्र कुमार ने इसकी पुष्टि की है। बरारी के कठोतिया से एक शख्स को हिरासत में लेने की खबर है। शरीफगंज में भी टीम ने छापेमारी की है। हसनगंज प्रखंड अंतर्गत रामपुर पंचायत के मोजफ्फर टोला गांव में पीएफआई के सदस्य महबूब नदवी के आवास पर तलाशी की जा रही है।
क्या है मामला?
गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले पटना के फुलवारीशरीफ स्थित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के दफ्तर में आतंकी ट्रेनिंग कैंप का भंडाफोड़ किया था। यहां शारीरिक प्रशिक्षण के नाम पर युवाओं को देश में हिंसा और वैमनस्य फैलाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। उन्हें हथियार चलाना भी सिखाया जा रहा था।
पुलिस को मौके से कई दस्तावेज मिले थे, जिसमें भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश का जिक्र था। साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी के पटना दौरे पर भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश थी। इसके बाद यह केस एनआईए को ट्रांसफर कर दिया गया था। एनआईए ने बिहार के अलग-अलग जिलों में मौजूद संदिग्ध आतंकियों के ठिकानों पर पहले भी छापेमारी की थी।