लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को जीत दिलाने के लिए तैयारी तेज़ कर दी है। वो लगातार उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सभा आयोजित कर रहे हैं। बीते दिन यानी रविवार को ओवैसी ने कानपुर में सभा को संबोधित किया।
इस सभा का आयोजन कानपुर के जाजमऊ स्थित खुशबू ग्राउंड में किया गया। ओवैसी ने सम्बोधन करते हुए कहा, ‘मुसलमानों की स्थिति बारात में ‘बैंड बजाने वालों’ जैसी हो गई है, जहां उन्हें पहले संगीत बजाने के लिए कहा जाता है, लेकिन विवाह स्थल पर पहुंचने पर उन्हें बाहर खड़ा कर दिया जाता है।’
उन्होंने अखिलेश यादव और मायावती की पार्टी को आड़े हाथ लिया और उनपर आरोप लगते हुए कहा, ‘चाहे मुसलमानों के सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाली समाजवादी पार्टी हो या फिर सामाजिक न्याय के लिए दलित-मुस्लिम एकता की बात करने वाली बहुजन समाज पार्टी, किसी ने भी मुसलमानों को नेतृत्व नहीं दिया। वह इसी आरोप को उत्तर प्रदेश में अपने चुनावी अभियान का आधार बना रहे हैं।’
जनगड़ना के 2011 के आकड़ों के मुताबिक यूपी में मुसलमानों की आबादी 19.26 प्रतिशत है। ओवैसी की पार्टी ऐइएमआइएम ने उत्तर प्रदेश में 100 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।