चंडीगढ़/मानसा। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में पंजाब पुलिस ने दावा किया है कि उसने हत्यारों की पहचान कर ली है। मामले में पहली गिरफ्तारी भी हो गई है।
फरीदकोट के ढैपई गांव के रहने वाले मनप्रीत भाऊ को सोमवार को उत्तराखंड में पांच अन्य लोगों के साथ हिरासत में लिया गया था। पंजाब पुलिस ने मंगलवार को मनप्रीत भाऊ की गिरफ्तारी दर्शाते हुए उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।
मंगलवार को दो और गैंगस्टरों, बठिंडा जेल से मनप्रीत मन्ना व फिरोजुपर जेल से मन्ना संधू, को प्रोडक्शन वारंट पर मानसा लाया गया। दोनों गैंगस्टरों पर पूर्व गैंगस्टर कुलवीर नरुआणा की हत्या का आरोप है।
इन्हें भी पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मनप्रीत पर आरोप है कि हमले के दौरान इस्तेमाल की गई कोरोला कार व बोलेरो उसने ही मुहैया करवाई थी। मनप्रीत भाऊ और मन्ना रिश्तेदार हैं।
पुलिस मान रही है कि मन्ना के कहने पर ही उसने गाडि़यां मुहैया कराई होंगी। इन्हें दिल्ली में पकड़े गए शाहरूख से पूछताछ के बाद ही प्रोडक्शन वारंट पर मानसा लाया गया है। यह भी संभावना है कि आज बुधवार को गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई को भी प्रोडक्शन वारंट पर लाया जा सकता है।
आइजी पीके यादव ने कहा कि कुछ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्यारों की पहचान सामने आ रही है, लेकिन इसे उजागर नहीं किया जा सकता। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस को जांच में अहम सुराग हाथ लगे हैं। कुछ संदिग्धों के स्केच जारी किए जा सकते हैं।
एक गायक के मैनेजर का भी नाम
इस मामले में अभी तक एक गिरफ्तारी हुई है, जबकि नौ लोग हिरासत में हैं। मामले में एक पंजाबी गायक के मैनेजर का नाम सामने आ रहा है। पुलिस उसे पूछताछ के लिए बुला सकती है। गौरतलब है कि पंजाबी गौअक व कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की रविवार को मानसा के जवाहरके गाँव में 30 गोलियां मार कर हत्या कर दी गई थी।
भाऊ पर दर्ज हैं नौ मामले
मनप्रीत भाऊ फरीदकोट के ढैपई गांव का रहने वाला है। उसका संबंध लारेंस बिश्नोई गैंग से बताया जा रहा है। भाऊ पर फरीदकोट, मुक्तसर व अन्य जिलों में कुल नौ मामले दर्ज हैं। 28 वर्षीय भाऊ घटना के बाद हेमकुंड साहिब के लिए निकला था। वह हिमाचल प्रदेश के रास्ते देहरादून में दाखिल हुआ था। पंजाब पुलिस उसकी कार की निगरानी कर रही थी, जिसके आधार पर उसे उत्तराखंड पुलिस की मदद से उसे पकड़ा गया।