नई दिल्ली। देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस इस समय अंदरूनी कलह से जूझ रही है। हालांकि पार्टी के लिए यह कोई नई बात नहीं है। पूर्व में भी कांग्रेस में कलह और विद्रोह हुए हैं। वर्तमान में कांग्रेस को अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। गुलाम नबी आजाद जैसे पार्टी से पांच दशक से जुड़े वरिष्ठ नेता ने चुनाव से ठीक पहले पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
दूसरी ओर शशि थरूर, मनीष तिवारी और कार्ति चिदंबरम ने मतदाता सूची जारी करने की मांग कर अपने तेवर दिखा दिए हैं। इतना ही नहीं, कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व किसके हाथ में जाएगा, इसको लेकर भी पार्टी अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। पार्टी के कई लोगों का मानना है कि राहुल गांधी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो सकते हैं।
कहा जा रहा है कि कांग्रेस नेताओं के द्वारा राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ने और संगठन की बागडोर स्वीकार करने के लिए मनाने की एक नई कोशिश की जा सकती है। राहुल गांधी ने मई 2019 में लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी लेते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था। यह भी कहा जाता है कि उन्होंने ही पार्टी से कहा कि गांधी परिवार से कोई भी नेतृत्व नहीं संभालेगा।
राहुल गांधी के करीबी सूत्र ने इसे दावे को पूरी तरह से खारिज नहीं किया है कि वह इस साल होने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव नहीं लडेंगे। राहुल के करीबी सूत्र ने कहा, “उन्हें मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, क्योंकि पार्टी के लिए यही एकमात्र अच्छा समाधान है।
उनकी सहमति से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि, बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि रविवार को महंगाई के खिलाफ दिल्ली में होने वाली रैली और फिर भारत जोड़ो यात्रा कितनी सफल हो पाती है।”
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राहुल गांधी कन्याकुमारी से कश्मीर तक की 150 दिनों की यात्रा पर जाएंगे। उन्होंने कहा, “अगर वह पार्टी चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते हैं तो वह इसके लिए एक दिन का ब्रेक लेंगे।” इसके अलावा राहुल गांधी रामलीला मैदान में रविवार को होने वाली रैली को भी संबोधित करेंगे।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत फिलहाल कांग्रेस में गांधी परिवार से बाहर के विकल्प के तौर पर सबसे अगे चल रहे हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे और सलमान खुर्शीद जैसे वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि राहुल गांधी को मनाने की कोशिश आखिरी तक जारी रहेगी।
दिलचस्प बात यह है कि एआईसीसी सचिव वामशी चंद रेड्डी ने ट्वीट कर कहा कि वह तेलंगाना से पीसीसी के सदस्य हैं और प्रस्तावक के रूप में राहुल गांधी के नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद कर रहे हैं।