नई दिल्ली। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल की अदालत में ट्रांसफर करने की मांग की है।
राउज एवेन्यू कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष दायर आवेदन में ईडी ने सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग केस की कार्यवाही को विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल को ट्रांसफर करने की मांग की गई है। ईडी की याचिका पर कल 19 सितंबर को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय कुमार गुप्ता सुनवाई करेंगे।
विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने पिछली कुछ सुनवाई में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच को लेकर एजेंसी की खिंचाई की थी। सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर दलीलों से संबंधित कुछ तर्कों को उठाने के बाद ईडी की याचिका में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन का मामला स्पेशल जज गीतांजलि गोयल को ट्रांसफर करने की मांग की है।
न्यायिक हिरासत में हैं जैन
अदालत इस समय मामले में सत्येंद्र जैन और अन्य दो सह-आरोपियों अंकुश जैन और वैभव जैन की जमानत याचिकाओं पर लंबी दलीलें सुन रही थी। आरोपी की जमानत पर सुनवाई अंतिम चरण में थी। तीनों व्यक्ति फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
ईडी के लिए अपील करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने 15 सितंबर को अदालत को सूचित किया कि वे सत्येंद्र जैन की जमानत की कार्यवाही को मौजूदा अदालत से स्थानांतरित करने की याचिका दायर कर रहे हैं।
सत्येंद्र जैन की ओर से वरिष्ठ वकील एन. हरिहरन ने विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल के साथ अपनी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि यह वास्तव में अनुचित है। पूरी तरह से अनुचित। वे चीजों को पूर्ववत कर रहे हैं।
सीबीआई की एफआईआर के आधार पर ईडी ने की थी जांच
ईडी ने सत्येंद्र जैन और दो अन्य को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 2017 में ‘आप’ नेता के खिलाफ दर्ज सीबीआई की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके तहत उन पर कथित रूप से जुड़ी चार कंपनियों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप लगाया गया था। ईडी ने दो दिन पहले 16 सितंबर को आबकारी नीति घोटाला मामले में भी सत्येंद्र जैन से तिहाड़ जेल के अंदर पूछताछ की थी।
6 जून को कई ठिकानों पर मारे छापे
ईडी ने 6 जून को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में विभिन्न स्थानों पर की गई अपनी दिनभर की छापेमारी के दौरान सत्येंद्र जैन के सहयोगियों से 2.85 करोड़ रुपये नकद और 1.80 किलोग्राम वजन वाले 133 सोने के सिक्के जब्त करने का दावा किया था। इन छापों के दौरान, एजेंसी ने विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए।
ईडी ने सत्येंद्र जैन, पूनम जैन, अजीत प्रसाद जैन, सुनील कुमार जैन, वैभव जैन और अंकुश जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा 24 अगस्त, 2017 को धारा 13(2) r/w 13(1)(e) के तहत दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।