अहमदाबाद। गुजरात के मोरबी में केबल पुल ध्वस्त (Morbi Bridge Collapse) होने के दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 5 लोगों को हिरासत में लिये जाने की भी खबर है। इससे पहले यह खबर आई थी कि इस हादसे के बाद पुलिस ने सोमवार को 9 लोगों को हिरासत में लिया था। इन सभी लोगों से इस हादसे को लेकर पूछताछ की गई थी।
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अब यह खबर सामने आ रही है कि पूछताछ के बाद पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है और 5 लोग अभी भी पुलिस की हिरासत में हैं। इससे पहले जिन 9 लोगों को हिरासत में लिये जाने की खबर सामने आई थी उनमें पुल के प्रबंधक और रखरखाव पर्यवेक्षक शामिल हैं। इसके अलावा पुल के प्रबंधन से जुड़े तमाम लोगों से भी पूछताछ की बात सामने आई थी।
गुजरात में मोरबी शहर के बी डिवीजन क्षेत्र में रविवार को झूला पुल टूटने से मच्छू नदी में गिरने से अब तक 134 लोगों की मौत हो चुकी है तथा अन्य कई लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। अभी भी नदी में लोगों की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि मच्छू नदी पर बना झूलता पुल कल शाम अचानक टूट गया, जिसके कारण कई लोग नदी में गिर गए। इसके बाद वहां कोहराम मच गया था। रविवार को हादसे के बाद सोमवार को भी राहत कार्य चल रहा था।
मोरबी ब्रिज के धाराशायी होने के बाद कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। यह पुल पिछले कुछ महीनों से बंद था। कुछ दिन पहले ही इसकी मरम्मत की गई थी। हादसे से महज 5-7 दिन पहले ही यह ब्रिज आम लोगों के लिए खोला गया। आखिर मरम्मती के बाद यह पुल इतनी जल्दी कैस टूट गया? यह भी कहा जा रहा है कि इस पुल पर 100-150 लोगों के आने की क्षमता है लेकिन इसपर रविवार को 400-500 लोग पहुंचे थे।
आखिर किसने इतने लोगों को इस पुल पर आने की इजाजत दी है। इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। एसआईटी इस मामले में अपनी जांच भी शुरू कर चुकी है। ऐसी आशंका है कि अभी इस मामले में कई अन्य गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
गैर इरादतन हत्या का केस
पुलिस ने गुजरात के मोरबी शहर में केबल पुल के रखरखाव और संचालन का काम देखने वाली ओरेवा समूह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। मच्छु नदी पर केबल पुल रविवार को टूट गया था।
इस हादसे में करीब 134 लोगों की मौत हो गई थी। मोरबी नगर पालिका के मुख्य अधिकारी संदीप सिंह जाला ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि शहर में घड़ियां और ई-बाइक निर्माता ओरेवा समूह को पुल के नवीनीकरण और संचालन का ठेका दिया गया था।
क्या है FIR में
‘बी’ डिवीजन के पुलिस निरीक्षक प्रकाश देकीवाडिया द्वारा दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि मोरबी शहर में मच्छु नदी पर बना पुल लगभग आठ महीने से उपयोग में नहीं था क्योंकि स्थानीय प्रशासन ने इसके रखरखाव के लिए एक ‘निजी एजेंसी’ को काम सौंपा था।
प्राथमिकी में कहा गया कि रखरखाव का काम पूरा होने के बाद एजेंसी ने 26 अक्टूबर को पुल को आम लोगों के लिए खोल दिया। यह पुल रविवार को शाम करीब साढ़े छह बजे ढह गया जिससे नदी में गिरने के कारण कई लोगों की मौत हो गई।
प्राथमिकी के अनुसार यह घटना एजेंसी के लोगों के संवेदनहीन रवैये के कारण हुई। इसमें कहा गया है कि संबंधित व्यक्तियों या एजेंसियों ने पुल के रखरखाव की गुणवत्ता के साथ-साथ मरम्मत कार्य पर भी ध्यान नहीं दिया। प्राथमिकी में कहा गया है कि एजेंसी ने यह जानते हुए भी कि पुल को आम लोगों के लिए खोल दिया कि मरम्मत और प्रबंधन में उसके संवेदनहीन रुख के कारण लोगों की जान जा सकती है।
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