लखनऊ। रामचरित मानस पर विवादित टिप्पणी करके कईयों के निशाने पर आए सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य जहां एक तरफ विपक्षी दलों तो झेल ही रहे हैं तो दूसरी ओर उन्हीं की पार्टी के नेता उनकी मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। पार्टी नेताओं की नाराजगी अब खुले मंच पर नजर आने लगी है।
इसी क्रम में सपा प्रवक्ता और 2023 विधानसभा चुनाव में इलाहाबाद पश्चिम से पार्टी प्रत्याशी रहीं ऋचा सिंह ने मोर्चा खोला है। उन्होंने ट्विटर पर कई ट्वीट्स किए हैं, जिसमें वह रामचरित मानस विवाद को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य का घेराव करती नजर आ रही हैं।
ऋचा सिंह ने स्वामी प्रसाद पर हमलावर रुख अख्तियार करते हुए आरोप लगाया कि वह मानसिक जुगाली से दलित आंदोलन खड़ा करना चाहते हैं। जबकि उन्होंने दलितों की बुनियादी जरूरतों और समस्याओं पर जीवन में कभी ध्यान ही नहीं दिया।
अखिलेश यादव को टैग करते हुए उन्होंने लिखा कि दलित विमर्श मात्र वक्तव्य देने का विषय नहीं है बल्कि उनकी चुनौतियों, दु:ख दर्द में शामिल होने के लिए जमीन पर उतरना पड़ेगा। उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया है जिसमें महिलाएं पुलिस का विरोध कर रही हैं, इसमें खुद ऋचा सिंह भी नजर आ रही हैं।
https://twitter.com/RichaSingh_Alld/status/1623186962097262592
इससे पहले उन्होंने स्वामी पर सवाल उठाया था कि जब आप किसी धर्म और भगवान को नहीं मानते तो उसके ऊपर अनुचित टिप्पणी करने का आपका क्या अधिकार है?
उन्होंने आरोप लगाया कि मौर्य लोगों की भावनाओं को सिर्फ़ राजनीति के लिए आहत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि मौर्य तब क्यों चुप थे जब अखिलेश यादव द्वारा खाली किए गए आवास को गंगाजल से धुलवाया गया था।
जब आप किसी धर्म और भगवान को नहीं मानते तो उसके ऊपर अनुचित टिप्पणी करने का आपका क्या अधिकार है?? @SwamiPMaurya आप अन्य लोगों की भावनाओं को सिर्फ़ राजनीति के लिए आहत कर रहे हैं। https://t.co/Yqfoe3SD4M
— Dr.Richa Singh (यतो धर्मस्ततो जयः) (@RichaSingh_Alld) February 7, 2023
ऋचा सिंह से पहले पार्टी प्रवक्ता रोली तिवारी मिश्रा ने भी सवाल उठाया था। उन्होंने भी रामचरित मानस विवाद में स्वामी प्रसाद की टिप्पणी की निंदा करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ और पीएम मोदी से सपा एमएलसी पर रासुका लगाने की मांग की थी।