नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। कांग्रेस बड़े बहुमत (लगभग 134 सीट) से सरकार बनाती दिख रही है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री पद को लेकर है। पार्टी के पास राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार व पूर्व CM सिद्धारमैया के रूप में दो बड़े नेता हैं।
डीके शिवकुमार
सात बार से विधायक डीके शिवकुमार कर्नाटक की राजनीति में बड़ा नाम है। कई मौकों पर उन्होंने कांग्रेस को संकट से बाहर निकाला है। इस बार भी वह कनकपुरा विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं।
सिद्धारमैया
सिद्धारमैया 2013 से 2018 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। सीएम पद के लिए सिद्धारमैया भी बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। बतौर सीएम कांग्रेस सिद्धारमैया के नाम पर भी मुहर लगा सकती है। सिद्धारमैया वरुणा सीट से चुनाव जीत चुके हैं।
राजस्थान व मप्र की तरह कर्नाटक में भी होगी खींचतान!
राजस्थान, मप्र, छत्तीसगढ़ की तरह कर्नाटक में भी कांग्रेस के सामने सीएम पद को लेकर मुश्किल आ सकती है। डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के समर्थक अपने-अपने नेताओं को सीएम बनाए जाने की मांग करते रहे हैं। नतीजों से ठीक पहले सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र ने भी अपने पिता के लिए सीएम पद की पैरवी की है। यतींद्र ने कहा कि कर्नाटक के विकास के लिए सिद्धारमैया को सीएम बनाया जाना चाहिए।
बता दें कि राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सीएम जंग अब खुलकर सामने आ गई है। कई मौकों पर सचिन पायलट गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं।
यही हाल, छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल रहा है। यहां सीएम भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बीच लड़ाई से पार्टी के लिए मुश्किल हो सकती है। मप्र में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच की तनातनी के चलते कांग्रेस की सरकार गिर चुकी है।