लखनऊ। कवियत्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में सालों से उम्रकैद की सजा काट रहे उप्र सरकार में पूर्व मंत्री बाहुबली अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि को रिहा करने के आदेश आ गए हैं। 16 साल से अधिक समय से दोनों जेल में हैं। आज दोनों गोरखपुर जेल से रिहा हो जाएंगे।
इस बीच, मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला ने यूपी सरकार के इस आदेश पर हैरानी जताई है। उनका कहना है कि अमरमणि त्रिपाठी के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की याचिका लगाई हुई है। इस पर 25 अगस्त यानी आज सुबह 11 बजे सुनवाई होनी है। यह संबंध में उन्होंने यूपी सरकार को जानकारी दे दी थी। इससे पहले ही अमरमणि की रिहाई का आदेश आने से उनको निराशा हुई है।
अपने वीडियो संदेश में निधि शुक्ला ने कहा- ‘आज मैंने जब सुना कि अमरमणि त्रिपाठी और मधुमणि की रिहाई का आदेश राज्यपाल महोदया ने दिया है तो मुझे बहुत हैरानी हुई। मैं यूपी सरकार और राज्यपाल को पिछले 15 दिनों से पत्र और ईमेल के जरिये लगातार सूचना दे रही हूं कि हमने अमरमणि के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
इस पर 25 अगस्त यानी आज सुबह 11 बजे सुनवाई है, फिर यह आदेश किस तरह से हुआ है? मुझे पूरी उम्मीद है कि राज्यपाल महोदया को भ्रमित कर यह आदेश कराया गया है। मेरी प्रार्थना है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट का कोई आदेश नहीं आ जाता तब तक इस रिहाई पर रोक लगाई जाए।
मेरे 20 सालों के संघर्ष की कुछ लाज आप लोग रख लीजिए। सिर्फ उतनी देर का समय आप लोगों से मांग रहे हैं। मैंने सुप्रीम कोर्ट में कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की याचिका लगाई हुई है जिस पर आज सुनवाई होनी है।’
2003 में हुई थी मधुमिता शुक्ला की हत्या
बता दें कि वर्ष 2003 में मधुमिता हत्याकांड के बाद यूपी की राजनीति सरगर्म हो गई थी। लखनऊ की पेपर मिल कॉलोनी में 9 मई को मधुमिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। देहरादून फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 24 अक्टूबर 2007 को अमरमणि, मधुमणि, भतीजे रोहित चतुर्वेदी और शूटर संतोष राय को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
अमरमणि और मधुमणि कई साल से गोरखपुर जेल की अस्पताल में रहते आए हैं। कभी उनका गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज तो कभी लखनऊ के केजीएमयू में इलाज चलता रहा है। निधि शुक्ला ने इस बात को लेकर भी यूपी सरकार से कई बार शिकायत की है।