मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। यहां कोसीकलां थाना क्षेत्र के बठैनकलां गांव में मां ने अपने दस साल के दिव्यांग बेटे की लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद भी फांसी के फंदे पर झूल गई। घटना से क्षेत्र में दहशत फैली हुई है।
गांव निवासी पूरन की क्षेत्र के ही दगांव ससुराल है। वहां रविवार को मेले का आयोजन था। पूरन भी मेला देखने के लिए गया था। घर में उसकी 50 वर्षीय पत्नी ओमवती और 10 साल का बेटा विष्णु उर्फ पवन था। पवन दिव्यांग था। ओमवती काफी समय से मानसिक रूप से बीमार चल रही थी। बीती रात को मकान के बरामदे में एक चारपाई पर ओमवती और दूसरी पर विष्णु सो रहा था।
ओमवती ने करीब आधी रात सोते वक्त विष्णु के सिर पर लाठी से हमला कर किया। तब तक पीटती रही जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। इसके बाद शव को 500 लीटर की पानी की टंकी में डुबो दिया। इसके बाद खुद भी एक दुपट्टे से फांसी का फंदा बनाकर झूल गई। सुबह घर पर दूधवाली पहुंची। उसने दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक दरवाजा न खुला तो ग्रामीणों को एकत्रित किया।
ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़ा तो महिला फांसी के फंदे पर लटकी मिली। चारपाई के ऊपर पर उसके नीचे जमीन पर खून फैला हुआ था। पास ही एक डंडा रखा मिला, जिस पर खून लग रहा था। ग्रामीणों ने आसपास तलाश की तो पानी की टंकी में बच्चे का भी शव मिला। पुलिस को मामले में सूचना दी गई। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
चिकित्सकों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी में पोस्टमॉर्टम किया गया। एसपी देहात त्रिगुण बिसेन ने बताया कि महिला के शरीर पर कोई भी चोट का निशान नहीं है। घर का भी कोई सामान गायब नहीं है। ऐसे में अभी तक की जांच में यही माना जा रहा है कि महिला ने पहले बेटे की हत्या की, इसके बाद खुद फंदे पर झूल गई। बेटे की हत्या और खुद को फांसी लगाने की वजह क्या रही, इसकी जांच की जा रही है।