नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर बार की तरह देशवासियों से मन की बात कर रहे हैं। पीएम के मन की बात कार्यक्रम का यह 106वां एपिसोड है और पीएम ने इस बार त्योहारों पर चर्चा से शुरुआत की। पीएम ने कहा कि इस बार त्योहारों की शुरुआत से पहले ही बाजारों में रौनक दिखने लगी है, लेकिन इसमें खास बात यह है कि वोकल फॉर लोकल का असर दिख रहा है।
वोकल फॉर लोकल की आदत डालें
पीएम मोदी ने कहा कि इस बार त्योहारों पर खरीददारी के समय वोकल फॉर लोकल अभियान को ध्यान में रखें और कहीं भी जाने वक्त लोकल लोगों से ही खरीददारी करने की आदत डालें।
खादी की रिकॉर्ड बिक्री हुई
इसी के साथ पीएम ने गांधी जयंती के अवसर पर खादी की बिक्री की बात भी की। पीएम ने कहा कि अब खादी को लेकर लोगों में क्रेज पैदा हुआ है और दिल्ली में इसका असर दिखा है, जहां खादी की रिकॉर्ड बिक्री हुई है।
PM ने कहा कि कनॉट प्लेस में एक ही खादी स्टोर में, एक ही दिन में डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा का सामान लोगों ने खरीदा। इस महीने चल रहे खादी महोत्सव में एक बार फिर बिक्री के अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कहा कि खादी की बिक्री से केवल शहर को नहीं गांव को भी होता है। इसकी बिक्री से बुनकर, हस्तशिल्प कारीगर से लेकर किसानों तक को फायदा होता है।
सरदार वल्लभभाई पटेल का जिक्र
पीएम ने कहा कि 31 अक्टूबर का दिन हम सभी के लिए बहुत विशेष होता है। इस दिन हमारे लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्म जयंती मनाते हैं। हम भारतवासी, उन्हें कई वजहों से याद करते हैं और श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं।
बड़े राष्ट्रव्यापी संगठन की नींव रखी जाएगी
पीएम ने आगे कहा कि सरदार साहब की जन्मजयन्ती के दिन बहुत बड़े राष्ट्रव्यापी संगठन की नींव रखी जा रही है और इस संगठन का नाम – मेरा युवा भारत, यानी MYBharat संगठन होगा। पीएम ने कहा कि यह संगठन भारत के युवाओं को राष्ट्रनिर्माण के विभिन्न आयोजनों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर देगा।
PM ने ‘मन की बात’ में कहीं ये खास बात
पीएम ने कहा कि 15 नवंबर को पूरा देश जनजातीय गौरव दिवस मनाएगा। यह विशेष दिन भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती से जुड़ा है। पीएम ने कहा कि सच्चा साहस क्या है और अपनी संकल्प शक्ति पर अडिग रहना किसे कहते हैं, ये हम उनके जीवन से सीख सकते हैं।
पीएम ने इसी के साथ कन्याकुमारी के थिरु ए. के. पेरूमल का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि पेरूमल का काम बहुत प्रेरित करने वाला है। उन्होंने तमिलनाडु के कहानी कहने की परंपरा (storytelling tradition) को समेटे रखने का बेहतरीन काम किया है।