चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसान शुभकरन सिंह की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि उसकी मौत के लिए जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन भी दिया।सीएम ने कहा कि वो 100 कुर्सियां कुर्बान कर देंगे लेकिन एक भी शुभकरण को मरने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे शुभकरणों पर गोली मत चलाओ। सीएम मान ने आगे कहा कि शुभकरण फोटो खिंचवाने नहीं आया था, वह अपनी फसल का सही दाम लेने आया था। मान सरकार की तरफ से उसके परिवार को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है। पटियाला के सरकारी मेडिकल कॉलेज और राजेंद्र अस्पताल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट हरनाम सिंह ने कहा, ‘जब उन्हें दोपहर करीब तीन बजे अस्पताल लाया गया तो वह पहले ही मर चुके थे. उनके सिर में गोली लगी थी।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस नौजवान की मौत केंद्र और हरियाणा सरकार के मनमानेपन का नतीजा है। भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘मैंने तो अपने स्तर पर पूरी ताकत लगा दी जिससे हमारे किसानों और नौजवानों को गोलियों, पानी की बौछारों, आँसू गैस के गोले और अन्य कार्यवाही का सामना न करना पड़े। मैंने किसानों और केंद्र के मध्य पुल का काम किया जिससे बात किसी नतीजे पर पहुंच सके परन्तु दुर्भाग्यवश से बात नहीं बनी।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान यूनियनों और केंद्र सरकार के दरमियान हुई मीटिंगों में से दो में वह शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों की माँगों मान लेनी चाहिए थीं जबकि केंद्र सरकार अपना फ़र्ज़ निभाने में असफल रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि किसानों की माँगें मानने की बजाय उल्टा हरियाणा ने कँटीली तारों के साथ किसानों का रास्ता रोका हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान अपनी राष्ट्रीय राजधानी जाकर शांतमयी विरोध दर्ज करवाना चाहते थे परन्तु हरियाणा सरकार ने उनको ज़बरदस्ती रोक दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र को राष्ट्रीय राजधानी में किसानों को उनके रोष-प्रदर्शन के लिए कुछ जगह अलॉट करनी चाहिए थी परन्तु इसकी बजाय हरियाणा सरकार ने किसानों को रोका और उन पर ताकत का प्रयोग किया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह राज्य के अन्नदाताओं का घोर अपमान है जिन्होंने देश को अनाज उत्पादन में आत्म निर्भर बनाया है।