उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में अवैध धर्मांतरण रैकेट के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार, 8 जुलाई की सुबह प्रशासन ने उसकी आलीशान कोठी को ध्वस्त कर दिया। यह कोठी कोतवाली उतरौला क्षेत्र के मधपुर गांव में स्थित थी और करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से बनी बताई जा रही है। छानबीन में पता चला कि निर्माण सरकारी जमीन पर अवैध रूप से किया गया था।
तीन बुलडोजरों के साथ पहुंची टीम
जिला प्रशासन की टीम तीन बुलडोजरों और भारी पुलिस बल के साथ सुबह मौके पर पहुंची। एसडीएम, सीओ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे। यह कोठी छांगुर बाबा की करीबी नीतू उर्फ नसरीन के नाम पर रजिस्टर्ड थी। बताया गया है कि छांगुर बाबा इस कोठी से अपने कथित काले कारनामों को अंजाम देता था।
सरकारी जमीन पर किया गया था निर्माण
जांच में सामने आया कि यह कोठी सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई थी। इसके बाद प्रशासन ने निर्माण को अवैध घोषित करते हुए नोटिस जारी किया और बेदखली का आदेश पारित किया गया। इसी आदेश के तहत आज बुलडोजर की कार्रवाई की गई। कोठी में छांगुर बाबा के साथ नवीन रोहरा और नीतू रोहरा भी रहते थे।
धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश
इससे पहले 5 जुलाई को यूपी एटीएस ने अवैध धर्मांतरण गिरोह का खुलासा करते हुए जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह गरीब और पिछड़े वर्ग की लड़कियों को बहला-फुसलाकर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करता था। वह ‘चमत्कारी इलाज’, आर्थिक मदद और झूठे वादों के जरिए लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करता था।
‘रेट लिस्ट’ बनाकर करता था शिकार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि छांगुर बाबा ने विभिन्न समुदायों की लड़कियों की एक कथित ‘रेट लिस्ट’ तैयार कर रखी थी, जिनका वह टारगेट करता था। रैकेट का नेटवर्क प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ नेपाल सीमा तक फैला हो सकता है। पुलिस ने बाबा के पास से मोबाइल फोन, दस्तावेज और धर्मांतरण से जुड़े वीडियो-पर्चे बरामद किए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। यह कार्रवाई योगी सरकार की अवैध गतिविधियों और धर्मांतरण के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा मानी जा रही है।