देहरादून। 9 नवंबर 2025 को उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर राज्य सरकार इस दिन को “रजत जयंती वर्ष” के रूप में मना रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह अवसर राज्य की उपलब्धियों पर गर्व करने का भी है और उन लोगों को नमन करने का भी, जिनके संघर्ष और बलिदान से यह राज्य अस्तित्व में आया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम रजत जयंती वर्ष में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने जा रहे हैं। उत्तराखंड ने विकास के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है चाहे वह पर्यटन हो, शिक्षा, स्वास्थ्य या औद्योगिक निवेश। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इस राज्य का निर्माण एक लंबे और कठिन आंदोलन के बाद हुआ है। कई आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी, और अनेक घायल होकर आज भी संघर्ष कर रहे हैं।”
राज्य गठन के आंदोलन में सैकड़ों युवाओं, महिलाओं और किसानों ने सड़कों पर उतरकर अलग राज्य की मांग की थी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार इन आंदोलनकारियों के योगदान को याद रखेगी और विशेष योजनाओं के माध्यम से शहीदों के परिवारों और घायल आंदोलनकारियों की मदद करेगी। उन्होंने बताया कि रजत जयंती वर्ष के तहत राज्यभर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी और श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किए जाएंगे। धामी ने कहा, “यह वर्ष आत्ममंथन का भी है। हमें सोचना होगा कि जिन सपनों के साथ उत्तराखंड का निर्माण हुआ, क्या हम उन्हें पूरी तरह साकार कर पाए हैं। अब हमारा लक्ष्य है सशक्त, आत्मनिर्भर और अग्रणी उत्तराखंड। राज्य सरकार ने रजत जयंती समारोह को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। सभी जिलों में विकास परक कार्यक्रमों के साथ-साथ शहीदों को श्रद्धांजलि देने के आयोजन होंगे।