कोलकाता। अयोध्या में 25 नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम से पहले टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर द्वारा ‘बाबरी मस्जिद’ को लेकर किए गए बयान पर साधु-संतों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
सबसे तीखी प्रतिक्रिया जगद्गुरु परमहंस आचार्य की ओर से आई, जिन्होंने टीएमसी विधायक के बयान को “उत्तेजक और विवाद उत्पन्न करने वाला” बताया। उन्होंने कबीर के बयान के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। आचार्य ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विवाद समाप्त माना जा चुका है, ऐसे में बाबर के नाम पर ईंट रखने या किसी भी प्रकार का आंदोलन खड़ा करने की कोशिश “अनावश्यक रूप से तनाव बढ़ाने वाली” है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसे प्रयासों से “गंभीर परिणाम” उत्पन्न हो सकते हैं और प्रशासन को समय रहते उचित कदम उठाने चाहिए। परमहंस आचार्य ने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की कि टीएमसी विधायक के खिलाफ राष्ट्रद्रोह सहित कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। आचार्य ने आरोप लगाया कि 25 नवंबर के ध्वजारोहण कार्यक्रम से ठीक पहले इस तरह का बयान देकर “राजनीतिक लाभ के लिए माहौल खराब करने की कोशिश” की गई है।
राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य और पूर्व सांसद रामविलास वेदांती ने भी कबीर के बयान को भड़काऊ बताया। उन्होंने कहा कि देश में सांप्रदायिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। वेदांती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी सोच के आधार पर हर वर्ग को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता जताई गई है।