पंजाब सरकार ने राज्य में लावारिस पशुओं और डॉग बाइट के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुआवजा नीति में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब लावारिस पशु से होने वाली दुर्घटना में मौत पर पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा, जो पहले केवल 1 लाख रुपये था। यह संशोधन पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद लागू किया गया है और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की मंजूरी के बाद अधिसूचित किया गया।
सरकार का कहना है कि नई नीति न केवल पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देगी, बल्कि स्थानीय संस्थाओं की जिम्मेदारी भी तय करेगी।
डॉग बाइट मामलों में मुआवजा संरचना
नई नीति के तहत कुत्ते के काटने से घायलों के लिए मुआवजा इस प्रकार निर्धारित किया गया है:
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हर दांत के निशान पर: 10,000 रुपये
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घाव की गहराई 0.2 सेमी तक: 20,000 रुपये तक
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स्थायी दिव्यांगता होने पर: 2 लाख रुपये तक
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मौत होने पर: अधिकतम 5 लाख रुपये
सभी मामलों में अंतिम निर्णय जिला स्तर की समिति द्वारा लिया जाएगा।
हर जिले में समिति का गठन
राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि हर जिले में उपायुक्त (DC) की अध्यक्षता में “पशु हमला एवं दुर्घटना मुआवजा समिति” बनाई जाएगी। यह समिति:
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मामले की जांच करेगी
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मुआवजे की राशि तय करेगी
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मुआवजा जारी करने वाले विभाग की पहचान करेगी
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किसी थर्ड पार्टी की लापरवाही पाए जाने पर राशि वसूलने का निर्णय करेगी
मुआवजा जारी करने वाले विभागों में नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत, जिला वन अधिकारी और लोक निर्माण विभाग (PWD) शामिल हो सकते हैं।
आवेदन की समय सीमा
मुआवजे के लिए आवेदन हादसे के एक साल के भीतर करना अनिवार्य है। समिति यदि उचित कारण पाए तो आवेदन स्वीकार कर सकती है। किसी भी मामले में तीन साल से अधिक पुराना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पंजाब में डॉग बाइट और लावारिस पशुओं की बढ़ती समस्या
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पंजाब में डॉग बाइट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
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रोजाना लगभग 900 से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं
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2024 में 2.13 लाख मामले सामने आए
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2025 में सितंबर तक 2.5 लाख से अधिक मामले दर्ज
सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में लावारिस कुत्तों के प्रबंधन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
नीति का संभावित प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि नई नीति:
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पीड़ितों को बेहतर आर्थिक सहायता देगी
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अधिकारियों और स्थानीय संस्थाओं की जिम्मेदारी तय करेगी
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पशु प्रबंधन में अधिक गंभीरता लाएगी
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लावारिस पशुओं की बढ़ती समस्या पर नियंत्रण में मदद करेगी