चंडीगढ़: पंजाब में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने ‘रोशन पंजाब’ परियोजना की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य राज्य में ढांचागत सुविधाओं का विस्तार कर घरेलउपभोक्ताओं और औद्योगिक क्षेत्रों को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना है।
25 हजार किमी नई केबल, 8,000 ट्रांसफार्मर और 77 नए सब-स्टेशन
सरकार की योजना के अनुसार पंजाब भर में व्यापक स्तर पर बिजली ढांचे का विस्तार किया जाएगा।
परियोजना के तहत—
-
25,000 किलोमीटर नई केबल बिछाई जाएगी
-
8,000 नए ट्रांसफार्मर स्थापित होंगे
-
77 नए सब-स्टेशन बनाए जाएंगे, और
-
200 सब-स्टेशन को अपग्रेड और ओवर-हॉल किया जाएगा।
इन कार्यों से राज्य का बिजली वितरण नेटवर्क आधुनिक रूप लेगा। इसके अलावा एक डेडिकेटेड कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जहां से पूरे बिजली सिस्टम की रियल-टाइम निगरानी और संचालन किया जाएगा।
300 यूनिट मुफ्त बिजली—90% घरों के बिल शून्य
सत्ता में आने के बाद मान सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की नीति लागू की। सरकार के मुताबिक इससे लगभग 90 प्रतिशत परिवारों के बिजली बिल शून्य हो गए हैं।
मुफ्त बिजली से लोगों को आर्थिक राहत मिली है और कई परिवार अपनी बचत को बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी जरूरतों पर खर्च कर पा रहे हैं। किसानों को भी दिन में 8 घंटे बिजली मिल रही है, जिससे सिंचाई व्यवस्था बेहतर हुई है और फसल उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
24 घंटे बिजली के लिए 5,000 करोड़ का प्रोजेक्ट
राज्य में अगले एक वर्ष के भीतर 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये का विशेष प्रोजेक्ट तैयार किया है। ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के अपग्रेड होने के बाद पंजाब को पावर कट की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि व्यवस्था के पूर्ण रूप से सुधरने के बाद राज्य की बड़ी आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा