नई दिल्ली। पाकिस्तान के नवनियुक्त चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स (CDF) और स्वयंभू फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने तीनों सेनाओं की कमान संभालते ही भारत के खिलाफ उकसाने वाले बयान देने शुरू कर दिए हैं। सम्मान समारोह में बोलते हुए मुनीर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “भविष्य में भारत की ओर से किसी भी आक्रमण की स्थिति में पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज, कठोर और तीव्र होगी।”
पिछले सप्ताह पाकिस्तान की सरकार ने मुनीर को देश के पहले CDF के रूप में नियुक्त किया। तीनों सेनाओंसेना, नौसेना और वायु सेना की सर्वोच्च कमान मिलने के बाद आयोजित कार्यक्रम में मुनीर को संयुक्त गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसी मंच से उन्होंने भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी की। मुनीर ने कहा, “भारत किसी भ्रम में न रहे। पाकिस्तान एक शांतिपूर्ण राष्ट्र है, लेकिन हमारी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की किसी को भी परीक्षा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ का जिक्र
मुनीर की यह प्रतिक्रिया उस संदर्भ में आई है जब भारत ने 7 मई को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) स्थित आतंकी ढांचों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। यह सैन्य अभियान चार दिनों तक चला था, जिसके बाद 10 मई को कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी थी।
अफगानिस्तान-पाकिस्तान तनाव पर भी बयान
तालिबान शासन पर दबाव बढ़ाते हुए मुनीर ने कहा कि अफगानिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि वह “फितना अल-ख्वारिज (TTP) और पाकिस्तान में से किसी एक को चुने।” पाकिस्तान सरकार ने पिछले वर्ष TTP को “फितना अल-ख्वारिज” घोषित किया था, जो इस्लामी इतिहास के एक हिंसक गुट का संदर्भ है।
मुनीर ने कहा कि स्थापित किया गया नया रक्षा बल मुख्यालय पाकिस्तान की सैन्य संरचना में “ऐतिहासिक बदलाव” का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि बढ़ते बहुआयामी खतरों को देखते हुए तीनों सेनाओं को एकीकृत प्रणाली के तहत संचालित करना जरूरी है। इस समारोह में वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू, नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ और तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त आसिम मुनीर सेना प्रमुख के साथ-साथ अब पूरे रक्षा ढांचे के सर्वोच्च पद CDFपर बैठ चुके हैं। यह पद उन्हें तीनों सेनाओं पर पूर्ण अधिकार देने के साथ-साथ पाकिस्तान की राष्ट्रीय सामरिक कमान की निगरानी का भी अधिकार देता है, जो देश के परमाणु हथियारों और मिसाइल प्रणाली का नियंत्रण करती है।