रिपोर्ट : अनुराग श्रीवास्तव – कानपुर
कानपुर, देशभर में ठंड का कहर जारी है, कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन अब प्रभावित होने लगा है । ऐसे में उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में मंगलवार सुबह घने कोहरे ने पूरी तरह कब्जा जमा लिया। जहाँ विजिबिलिटी घटकर सिर्फ 30 मीटर के आसपास रह गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई। ड्राइवरों को हेडलाइट्स जलाकर धीरे-धीरे चलना पड़ा और कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो पूरे प्रदेश में दूसरा सबसे कम तापमान रहा। अधिकतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन दिन भर ठंड का एहसास बना रहा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में चल रही ठंडी हवाओं और नमी के कारण कोहरा और ठंड दोनों बढ़ रहे हैं। आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह का रहेगा। सुबह और शाम को घना कोहरा छाने की संभावना है, जबकि दिन में कभी-कभी धूप निकल सकती है। बारिश की कोई गुंजाइश नहीं है, लेकिन नमी के कारण धुंध और स्मॉग की परत बनी रहेगी। कानपुर-अलीगढ़ एक्सप्रेस-वे और बिल्हौर क्षेत्र में कोहरा सबसे ज्यादा घना रहा, जहां सड़क पर 20-30 मीटर से आगे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।
प्रदेश के सबसे ठंडे शहरों की बात करें तो इटावा टॉप पर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। कानपुर 7.2 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहा। मुजफ्फरनगर, बाराबंकी और प्रयागराज भी ठंड से प्रभावित रहे। सोमवार को भी सुबह कोहरा छाया था, लेकिन दोपहर तक धूप निकलने से कुछ राहत मिली थी। मंगलवार को हालांकि कोहरा देर तक बना रहा।
कानपुर की हवा की गुणवत्ता सुबह 8 बजे मध्यम स्तर पर रही। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 132 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। हवा की गति मात्र 9 किमी प्रति घंटा रही, जिससे धूलकण और नमी मिलकर स्मॉग बना रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति में अस्थमा के मरीज, हृदय रोगी, फेफड़ों की समस्या वाले लोग, बच्चे और बुजुर्ग सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें। मास्क पहनें और ज्यादा देर बाहर न रहें।
कानपुर के कई इलाकों में ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। सड़कों किनारे अलाव जलाकर लोग खुद को गर्म कर रहे थे। ठंड और कोहरे के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चे और ऑफिस जाने वाले लोग परेशान हैं। ट्रेन और फ्लाइट्स पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने कोहरे की चेतावनी जारी है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि दिसंबर के मध्य तक ठंड और कोहरा इसी तरह बना रहेगा। उत्तर पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट आ सकती है। लोगों से अपील है कि गर्म कपड़े पहनें, हाइड्रेटेड रहें और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। कानपुर जैसे औद्योगिक शहर में कोहरे और प्रदूषण का मिश्रण स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है ।