किसान-मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि पंजाब सरकार के साथ वार्ता हो चुकी है और अगली बैठक के लिए सरकार की ओर से पत्र जारी कर दिया गया है। अब 22 दिसंबर को दोबारा बैठक होगी। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बिजली संशोधन बिल पर पंजाब सरकार के रुख को देखते हुए रेल रोको आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है, लेकिन शंभू और खनौरी बॉर्डर पर हुए नुकसान के मुआवजे को लेकर बातचीत अटकी हुई है।
किसानों का आरोप है कि मोर्चा हटाने के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, स्टेज, टेंट, लंगर के सामान, एसी-कूलर सहित बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ हुई। किसानों के अनुसार केवल शंभू बॉर्डर पर ही करीब 3.77 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि दोनों मोर्चों पर पूरा गांव बसाया गया था और हटाने की कार्रवाई में भारी क्षति हुई। सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है, आए दिन गोली चलने जैसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार सिर्फ किसानों के प्रदर्शनों पर ही सवाल उठा रही है।
किसान नेता बलदेव सिंह जीरा ने बताया कि बिजली संशोधन बिल के खिलाफ संघर्ष का ऐलान पहले ही किया जा चुका है। शंभू-खनौरी मोर्चों पर ट्रॉली चोरी का मुआवजा, शहीद किसानों को श्रद्धांजलि, मुक्त व्यापार समझौतों का विरोध और पराली से जुड़े पर्चे रद्द करने जैसी मांगें रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बिजली संशोधन बिल का विरोध करने की बात स्पष्ट कर दी है। खनौरी-शंभू बॉर्डर के नुकसान के आकलन के लिए बनाई गई सरकारी कमेटी का मोर्चों ने विरोध किया है। शहीदी जोड़ मेले के चलते फिलहाल रेल रोको कार्यक्रम स्थगित किया गया है।
किसान नेताओं ने बताया कि आंदोलन और पराली जलाने से जुड़े दर्ज मामलों को वापस लेने पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है। बाढ़ से हुए नुकसान पर अधिक मुआवजे और बाढ़-पीड़ित किसानों का पूरा कर्ज माफ करने की मांग अगली बैठक में रखी जाएगी। आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के परिजनों को नौकरी देने पर भी सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं।
किसानों ने प्री-पेड बिजली मीटरों और बिजली क्षेत्र के निजीकरण का विरोध दोहराया। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार को भेजे गए विरोध-पत्र की प्रति किसानों के साथ साझा की जाए, ताकि जनता के सामने सरकार का रुख स्पष्ट हो सके। मोर्चे ने लैंड-पूलिंग नीति पर स्थिति साफ करने, मोहाली के पांच गांवों में जारी नए नोटिस रद्द करने, टोल पर सैटेलाइट सिस्टम का विरोध और कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन देने की भी घोषणा की है।