रिपोर्ट: दीपक चौबे, वाराणसी
वाराणसी: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचारों को लेकर देशभर में आक्रोश का माहौल है। हिंदू संगठनों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी बीच धर्मनगरी काशी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी का ध्यान खींचा है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही घटनाओं से आहत होकर एक मुस्लिम युवक ने सनातन धर्म अपना लिया।
यह घटना वाराणसी के अस्सी घाट की है, जहां असद खान नामक युवक ने विधि-विधान से हिंदू धर्म ग्रहण किया। मां गंगा के तट पर काशी के ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शुद्धिकरण संस्कार संपन्न कराया। इसके बाद असद खान का नया नाम अथर्व त्यागी रखा गया। इस दौरान “हर हर महादेव” और “जय श्रीराम” के उद्घोष भी किए गए।
सनातन धर्म अपनाने के बाद अथर्व त्यागी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह लंबे समय से इस निर्णय को लेकर सोच रहे थे। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनका झुकाव सनातन परंपरा की ओर रहा है, लेकिन हाल के दिनों में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने पूर्वजों के धर्म में लौटने का संकल्प लिया।
मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहने वाले अथर्व त्यागी पेशे से ठेकेदार हैं और सागर नगर निगम में कार्य करते हैं। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है। अथर्व के अनुसार, काशी में उनकी मुलाकात ब्राह्मण योगी आलोक से हुई, जिनसे उन्होंने अपने मन की पीड़ा साझा की। योगी आलोक ने उन्हें घर वापसी का मार्ग दिखाया और इसके लिए काशी को सबसे उपयुक्त स्थान बताया।
इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत आस्था का निर्णय बता रहे हैं, तो वहीं कई लोग इसे बांग्लादेश की घटनाओं के प्रति एक भावनात्मक प्रतिक्रिया के रूप में देख रहे हैं। धर्मनगरी काशी में हुई इस घर वापसी की घटना ने एक बार फिर आस्था, पहचान और संवेदनाओं से जुड़े सवालों को केंद्र में ला दिया है।