जम्मू। शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए। ताजिकिस्तान में भूकंप का केंद्र होने के बावजूद यहाँ के लोगों ने इसकी हल्की झंझनाहट महसूस की। भारतीय मौसम विभाग के निदेशक मुख्तार अहमद ने बताया कि गुरुवार रात 2.44 बजे रिक्टर स्केल पर 5.3 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान में था और यह धरती की सतह से 110 किलोमीटर गहराई में आया।
भूकंप के झटके जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले समेत कई हिस्सों में महसूस किए गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि रसोई के बर्तनों की खड़खड़ाहट से उनकी नींद खुली और तभी उन्हें भूकंप का अहसास हुआ। हालांकि, अब तक किसी भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
कश्मीर भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में आता है और इतिहास में यहाँ कई विनाशकारी भूकंप दर्ज किए गए हैं। 8 अक्टूबर 2005 को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुज़फ़्फ़राबाद के पास रिक्टर स्केल पर 7.6 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 80,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और मुज़फ़्फ़राबाद शहर पूरी तरह तबाह हो गया था। जम्मू-कश्मीर में भी हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त हुई थीं।
कश्मीर घाटी में पहले भी कई भूकंप आए हैं। 1555 में 7.6 तीव्रता, 1669 में 7.0, 1779 में 7.5 और 1885 में 7.5 तीव्रता के भूकंपों ने व्यापक तबाही मचाई। 1885 का भूकंप, जिसे बारामूला भूकंप के नाम से जाना जाता है, 30 मई को श्रीनगर में आया था। इसकी अनुमानित तीव्रता 6.3-6.8 थी, जिसमें कम से कम 3,081 लोग मारे गए थे और झटकों से भारी नुकसान हुआ था।