पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को कहा कि त्याग और बलिदान की भावना पंजाबियों की पहचान है और वे देश के लिए अपनी जान देने को हमेशा तैयार रहते हैं। उन्होंने यह बात महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित ‘हिंद दी चादर’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
इस दो दिवसीय ‘शहीदी समागम’ कार्यक्रम में लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। मान ने कहा, “पंजाबियों ने हर समय देश के लिए अपना सर्वस्व देने की तत्परता दिखाई है। जब दुश्मन की ओर से खतरा आता है, वे सबसे पहले उसका सामना करते हैं, चाहे वह कारगिल, जैसलमेर, गंगानगर या बीकानेर हो। यह साहस और त्याग की भावना हमें हमारे गुरुओं से मिली है और यह हमारे खून में बसी है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब के लोग प्राकृतिक आपदाओं में मदद करने के लिए हमेशा आगे रहते हैं। उन्होंने बताया, “चाहे तुर्की में भूकंप हो या श्रीलंका में बाढ़, रेड क्रॉस या बचाव दल बाद में पहुंचते हैं, लेकिन पंजाबी सबसे पहले अपने लंगर शुरू कर देते हैं। दुनिया में कहीं भी जाएं, सबसे पहले लंगर सेवा पंजाबियों से ही मिलेगी।”
इसके अलावा, मान ने सिख गुरुओं द्वारा किए गए बलिदानों के महत्व और उनके संदेश को लोगों तक पहुँचाने के लिए संचार के विभिन्न माध्यमों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करने का आह्वान किया।