नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परिधान हर साल खास संदेश लेकर आता है. यह सिर्फ पहनावा नहीं होता, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, विविधता और परंपराओं का प्रतीक भी होता है. जब पूरी दुनिया की नजरें कर्तव्य पथ पर टिकी होती हैं, तब प्रधानमंत्री का लुक भी राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा बन जाता है.
कर्तव्य पथ पर निकलने वाली परेड और राज्यों की रंग-बिरंगी झांकियां जहां भारत की विविधता को दर्शाती हैं, वहीं पीएम मोदी की वेशभूषा उस परंपरा को और मजबूती देती है. खासतौर पर उनकी पगड़ी हमेशा किसी न किसी राज्य की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है.
2026 में पीएम मोदी का लुक कैसा रहा?
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी पारंपरिक लेकिन सधे हुए अंदाज में नजर आए. उन्होंने गहरे नीले रंग का कुर्ता और सफेद पायजामा पहना हुआ था. इसके साथ उन्होंने आसमानी रंग का नेहरू कोट पहना, जिसने उनके पूरे लुक को संतुलित और गरिमामय बनाया.
हर साल की तरह इस बार भी पीएम मोदी का साफा चर्चा का विषय रहा. उन्होंने बांधेज शैली में लाल और गुलाबी रंग की पगड़ी पहनी, जिस पर सुनहरे रंग की बारीक कारीगरी दिखाई दी. यह साफा पारंपरिक होने के साथ-साथ बेहद आकर्षक भी नजर आया.
पगड़ी: सम्मान, नेतृत्व और स्वाभिमान का प्रतीक
भारतीय संस्कृति में पगड़ी को सम्मान, स्वाभिमान और नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है. गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर पीएम मोदी की पगड़ी न केवल परंपरा से जुड़ाव दर्शाती है, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत को भी वैश्विक मंच पर सामने लाती है.
गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न अवसरों पर राजस्थानी, मराठी और केसरिया रंगों की हाथ से बुनी पगड़ियां पहन चुके हैं. हर बार उनका यह अंदाज भारत की विविध सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने का प्रतीक बनकर सामने आता है.
कुल मिलाकर, गणतंत्र दिवस 2026 पर पीएम मोदी का लुक एक बार फिर यह संदेश देता नजर आया कि परंपरा और आधुनिकता साथ-साथ चल सकती हैं