69000 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने लखनऊ में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास के बाहर पहुंचे और नारेबाजी की। अभ्यर्थियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों की अनदेखी की गई और इसके बावजूद नियुक्तियां कर दी गईं। उनका कहना है कि यह मामला कई वर्षों से कानूनी दायरे में है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
गौरतलब है कि 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण लागू करने को लेकर यह विवाद लंबे समय से चल रहा है। इस मामले की पहली सुनवाई सितंबर 2024 में हुई थी। अभ्यर्थियों का दावा है कि इसके बाद से सुनवाई को बार-बार टाला गया, जिससे उन्हें लगातार इंतजार करना पड़ रहा है। फिलहाल इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 4 फरवरी को निर्धारित है, जिस पर सभी अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हुई हैं।