हिमाचल प्रदेश में शिमला और लाहौल-स्पीति को छोड़कर अन्य 10 जिलों में अब तक मतदाता सूचियों का प्रकाशन नहीं हो सका है, जिससे राज्य निर्वाचन आयोग की चुनावी गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। आयोग ने 30 जनवरी को मतदाता सूचियों के प्रकाशन की तिथि निर्धारित की थी, लेकिन तीन दिन बीतने के बावजूद अधिकांश जिलों से इसकी सूचना आयोग को नहीं भेजी गई है।
स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सभी जिला उपायुक्तों को आज शाम 5 बजे तक मतदाता सूचियों का प्रकाशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह आदेश उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव 30 अप्रैल से पहले कराने के निर्देश दिए हैं। इसी के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला उपायुक्तों को समय पर मतदाता सूचियों का प्रकाशन करने को कहा था। साथ ही 28 फरवरी को राज्य निर्वाचन आयोग और प्रदेश सरकार को हाईकोर्ट में चुनाव से संबंधित जवाब भी दाखिल करना है।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत राठौर ने बताया कि फिलहाल दो जिलों के उपायुक्तों द्वारा मतदाता सूचियों का प्रकाशन कर दिया गया है, जबकि अन्य जिलों में भी एक-दो दिन के भीतर यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। इस बीच पंचायतीराज विभाग ने जानकारी दी है कि प्रदेश में 31 पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस संबंध में फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी गई है। पंचायत सचिव सीपाल रासू ने बताया कि जिला उपायुक्तों को यह कार्य सौंपा गया था, जिसे अब पूरा कर लिया गया है।