गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन सगी बहनों द्वारा नौवीं मंजिल से कूदकर जान देने के मामले में अब नए और चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रहा है, परत दर परत नई चीजें खुलती जा रही है। पुलिस की मानें तो अब यह मामला सिर्फ आत्महत्या नहीं बल्कि आर्थिक तंगी, पारिवारिक तनाव और टास्क बेस्ड ऑनलाइन मोबाइल गेम का खतरनाक मेल बनता दिख रहा है। इस बीच यह खुलासा हुआ है कि परिवार की स्थिति बेहद जटिल थी। तीन बहनों के पिता की दो पत्नियां थीं। दोनों आपस में सगी बहनें हैं और अब तीसरी सगी साली भी उसी घर में रहने लगी थी।
सूत्र बताते हैं कि साली के घर आने के बाद दोनों पत्नियां घर छोड़कर चली गई थीं, जिनकी गुमशुदगी टीला मोड़ थाने में दर्ज है। आपको बता दें कि सुसाइड करने वाली लड़कियों के पिता चेतन ने पहले दो शादी कर रखी है। दरअसल पहली पत्नी से उसे कोई संतान नहीं था। तो उसने संतान के लिए सगी साली से दूसरी शादी की जिससे तीन बच्चे हैं। वहीं कुछ समय बाद पहली पत्नी से भी दो बच्चे हो गए। तो ऐसे में अब भारत सिटी के उस फ्लैट में 5 बच्चों के साथ चेतन रहता था
पुलिस की जांच में सामने आया है कि बच्चियों के पिता यानी कि चेतन पर करीब 2 करोड़ रुपये का कर्ज था। वो स्टॉक ट्रेडि़ंग का काम करता था। बिजली का बिल भरने के लिए पिता ने बच्चियों का मोबाइल बेच दिया था, जिसके कारण बच्चियां काफी नाराज थी, पिता ने बच्चियों को मोबाइल गेम की लत छोड़ने के लिए कहा था और शादी करवा देने की बात भी कही थी।
कोरिया जाना चाहती थी लड़कियां
चेतन ने पूछताछ में कर्ज की बात मानी, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने से इनकार किया। उसने कहा कि लड़कियों कोरियन कल्चर में इतना इन्वॉल्व हो गई थीं कि खाना भी नहीं खाती थीं। स्कूल इसीलिए नहीं जाती थी क्योंकि उनका कहना था कि कोरिया भेज दो वही पढ़ेंगे। मोबाइल लिया था लेकिन तभी रात में वापस ले गए थे बच्चे। उसने बताया कि वो पिछले 3 साल से कोरियन ड्रामा देख रही थीं।
कोरियन लड़के से ही शादी की चाहत
मौके से जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें तीनों बहनों ने साफ-साफ लिखा है कि वे कोरिया से कितना प्यार करती थीं। उन्होंने साफ इशारा किया है कि उनके पिता कोरियन गेम से अलग करना चाह रहे थे। उन्होंने साफ लिखा है कि वे तीनों बहनें कोरियन से प्यार करती थीं और उन्हीं से शादी के सपने भी देखती थीं। किसी इंडियन से शादी की उन्हें उम्मीद भी नहीं थी।
4 साल की बहन को भी कोरियन ग्रुप में शामिल करना चाहती थीं बहनें
बच्चियों ने लिखा कि सच तो यह था कि हम तीनों देवू को अपना बनाना चाहते थे, पर तुम लोगों ने मौका ही नहीं दिया, उसको अमायरा, अक्षिता और अनाया जानवा दिया उसे बॉलीवुड बना दिया। जिसे हम जान से भी ज्यादा हेट करते थे और जब हम देवु को अपने के-पोप और कोरियन रिश्तेदारो को जानवाते थे। और कहते थे कि लीनो तुम्हारा भइया है तो तुम लीनो भइया और कुईना दीदी बोलना, ठीक है बेटा। तो फिर तभी मम्मी आ जाती थी और कहती थी कि उसे कोरियन मत बनाओ।
घटना के बारे में जानिए
मंगलवार रात के करीब दो बज रहे थे जब गाजियाबाद की ‘भारत सिटी सोसाइटी’ की नौवीं मंजिल पर एक ऐसी खामोशी पसरी थी, जो आने वाले तूफान का संकेत दे रही थी। तीन बहनें- 12 साल की पाखी, 14 साल की प्राची और 16 साल की विशिका अपने कमरे में मौजूद थीं। बाहर की दुनिया सो रही थी, लेकिन इन तीनों के दिमाग में एक मोबाइल गेम का नशा सिर चढ़कर बोल रहा था।
अचानक तीनों बहनें एक-दूसरे का हाथ थामकर बालकनी की तरफ बढ़ीं और बिना किसी हिचकिचाहट के नीचे छलांग लगा दी। सुबह होने तक पूरा इलाका इस खबर से दहल उठा। जब पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, तो वहां मिले एक सुसाइड नोट ने सबको सुन्न कर दिया। उस कागज पर लिखा था, सॉरी पापा, गेम नहीं छोड़ पा रही हूं, अब आपको अहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक- तीनों बहनों को एक ‘कोरियन लव गेम’ खेलने की लत थी।