रिपोर्ट : अंकित कुमार गोयल
गौमाता पर आधारित पहली फ़िल्म ‘गोदान’ आज सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गई। यह फ़िल्म पूरी तरह से गौमाता को समर्पित है और भारतीय संस्कृति व सनातन धर्म के मूल्यों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करती है।
फ़िल्म के प्रचार-प्रसार प्रभारी शांतनु शुक्ला ने बताया कि ‘गोदान’ हम सभी को अपनी संस्कृति और धर्म से जोड़ने का कार्य करती है। फ़िल्म में यह दिखाया गया है कि किस प्रकार वैज्ञानिक तरीकों से गौमाता मानव जीवन के लिए उपयोगी और आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह फ़िल्म देश के युवाओं को गौमाता की उपयोगिता और महत्व को समझाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
फ़िल्म यह संदेश देती है कि अपनी जड़ों से जुड़कर व्यक्ति को आत्मिक संतुष्टि प्राप्त होती है। कहानी को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए इसमें कई सच्ची घटनाओं को भी शामिल किया गया है। ‘गोदान’ न केवल मनोरंजन प्रदान करती है, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और आध्यात्मिक संदेश भी देती है।
शांतनु शुक्ला ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में बॉलीवुड फ़िल्म इंडस्ट्री एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। अब फ़िल्में केवल पारंपरिक पारिवारिक कहानियों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि सामाजिक विषयों, नए विचारों और अलग-अलग विधाओं पर भी सशक्त सिनेमा बनाया जा रहा है। ‘गोदान’ इसी परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जो युवाओं को अपनी संस्कृति और सनातन मूल् को जानने और समझने का अवसर प्रदान करती है।