समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कानून व्यवस्था, बजट और बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस व्यवस्था कमजोर हो चुकी है और आम जनता को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिल पा रहा है। बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार बजट का आकार तो बड़ा दिखा रही है, लेकिन उसका असर जमीन पर दिखाई नहीं देता। उन्होंने सवाल किया कि लखनऊ, दिल्ली, मेयर, विधायक-सांसद और मंत्रियों के नाम पर आवंटित धन आखिर जा कहां रहा है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में आगरा में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी की परियोजना के तहत साफ और मीठे पानी की व्यवस्था शुरू की गई थी, जिससे कई इलाकों को लाभ मिला। लेकिन वर्तमान सरकार स्मार्ट सिटी के नाम पर पैसा लेने के बावजूद लोगों को शुद्ध पेयजल तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
स्वच्छता के मुद्दे पर उन्होंने इंदौर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लगातार स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिलता रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश के शहरों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। उनका कहना था कि राज्य से लेकर केंद्र तक भाजपा की सरकार होने के बावजूद हालात में सुधार नहीं दिख रहा है। कानून व्यवस्था पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि पुलिस की स्थिति ऐसी हो गई है कि ‘हथेली गर्म, पुलिस नरम’। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में शुरू की गई डायल 100 सेवा को भी कमजोर कर दिया गया है और पहले जैसी तत्परता अब नहीं रही।
उन्होंने भाजपा पर ‘फूट डालो, राज करो’ की नीति अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब समाजवादी विचारधारा और सेक्युलर राजनीति की ओर लौट रही है। साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों के बजट को केवल आंकड़ों का खेल बताते हुए कहा कि न यमुना साफ हुई, न सड़कें सुधरीं और न ही व्यापारियों व आम लोगों को राहत मिली। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश के जूता कारोबारियों से लेकर आम नागरिक तक समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार ठोस समाधान देने में नाकाम साबित हो रही है।