कानपुर। पनकी स्थित प्रणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (PSIT) इंजीनियरिंग कॉलेज में बुधवार सुबह छात्रों ने बड़े पैमाने पर हंगामा किया। सोमवार को कैंपस में निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी से टकराकर BCA फाइनल ईयर के छात्र प्रखर सिंह (21) की मौत हो गई थी। इसी घटना के विरोध में करीब 3 हजार छात्रों ने कॉलेज परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की। दरवाजे, खिड़कियां, टेबल-कुर्सियां और गमले तोड़ दिए गए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और PAC की भारी फोर्स मौके पर पहुंची, जिसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने लाठियां भांजीं, जिससे भागदौड़ में एक छात्रा घायल हो गई।
हादसे की वजह से छात्रों में गुस्सा भड़क उठा। प्रखर सिंह रतनलाल नगर निवासी थे और उनके पिता खाद कारोबारी हैं। सोमवार शाम छुट्टी के बाद प्रखर बाइक से कॉलेज के पीछे वाले गेट से निकल रहे थे। कैंपस में चल रहे निर्माण कार्य से उड़ी धूल के गुबार के कारण आगे से तेज रफ्तार कार गुजरी, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। प्रखर को जेसीबी नहीं दिखी और उनकी बाइक सीधे उससे टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उनकी किडनी, फेफड़े और अग्न्याशय क्षतिग्रस्त हो गए। उन्हें पहले कल्याणपुर के बीएमसी अस्पताल ले जाया गया, फिर रेफर होने पर रीजेंसी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां रात करीब 2 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की। कैंपस में 24 घंटे निर्माण कार्य चलता रहता है, लेकिन कोई सेफ्टी उपाय नहीं किए जाते। छह महीने पहले भी इसी तरह के हादसे में एक छात्र घायल हुआ था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों ने मांग की कि जेसीबी ड्राइवर को गिरफ्तार किया जाए, सुरक्षा मानकों का पालन हो, 75% अटेंडेंस से कम पर फाइन न लगे, कॉलेज टाइमिंग सुबह 10 से दोपहर 3 बजे की जाए और मेडिकल सुविधा बेहतर हो। आरोप है कि प्रखर को समय पर बेहतर इलाज नहीं मिला, कॉलेज के मेडिकल कॉलेज में ही काफी देर रखा गया।
सुबह 10 बजे छात्र गेट पर नारेबाजी करने पहुंचे। गेट पर गार्डों ने कथित तौर पर अभद्रता की, जिससे गुस्सा और भड़का। छात्रों ने परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। कॉलेज मैनेजमेंट ने 112 पर सूचना दी, जिसके बाद सचेंडी, पनकी, अरमापुर, कल्याणपुर समेत 7-8 थानों की पुलिस और PAC पहुंची। DCP वेस्ट एसएम कासिम आब्दी, कपिलदेव, ACP आशुतोष कुमार और अमरनाथ यादव ने छात्रों को समझाने की कोशिश की। फायर ब्रिगेड और 10 एंबुलेंस भी तैनात की गईं।
DCP वेस्ट ने छात्रों को आश्वासन दिया कि दोषियों पर कार्रवाई होगी। छात्रों ने लिखित मांग की, जिसके बाद कॉलेज मैनेजमेंट ने कई मांगें मानीं। प्रखर के परिजनों को आर्थिक सहायता, पूरी फीस और सिक्योरिटी फीस माफ करने, जिम्मेदार स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई, निर्माण के दौरान सुरक्षा मानक, एंट्री-एग्जिट में बदलाव और लेट होने पर केवल उस पीरियड में अबसेंट दिखाने का वादा किया गया।
PSIT ग्रुप डायरेक्टर प्रो. मनमोहन शुक्ला ने कहा कि हादसा कैंपस से 200 मीटर दूर हुआ, कॉलेज परिसर में नहीं। पुलिस हर गतिविधि पर नजर रख रही है। छात्र ‘जस्टिस फॉर प्रखर’ के नारे लगा रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। यह घटना शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां छात्र सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं की मांग तेज कर रहे हैं।
रिपोर्ट : अनुराग श्रीवास्तव कानपुर संवाददाता