हरियाणा में आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए हिसार में आर्गेनिक फल-सब्जी मंडी और गुरुग्राम में आर्गेनिक अनाज मंडी स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। सीएम नायब सिंह सैनी की घोषणा के बाद कृषि और मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों की बैठक में मंडी की स्थापना को लेकर सहमति बन गई है। प्रदेश सरकार 2026-27 के बजट में इसके लिए आवश्यक धनराशि आवंटित करने की संभावना पर विचार कर रही है। प्रदेश में लगभग 5 हजार से अधिक किसान 18,070 एकड़ भूमि पर आर्गेनिक खेती कर रहे हैं, लेकिन उनके लिए अभी कोई विशेष मंडी नहीं है। वर्तमान में आर्गेनिक उत्पादों के लिए कोई सरकारी सर्टिफिकेशन एजेंसी नहीं है। केवल कुछ किसान समूह ही प्रमाणपत्र जारी कर रहे हैं।
सीएम नायब सिंह सैनी ने जून 2025 में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में उद्यमिता दिवस पर हिसार और गुरुग्राम में आर्गेनिक मंडी बनाने की घोषणा की थी। हिसार सब्जी मंडी के लिए लगभग 27 एकड़ क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज के पास खाली जमीन चिन्हित की गई है। मंडी में सभी उत्पाद सर्टिफाइड होंगे और सरकार द्वारा निर्धारित एजेंसी इन्हें प्रमाणित करेगी। पैकिंग पर मोहर लगाई जाएगी और कोई उत्पाद खुले में नहीं बेचा जाएगा। मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार मंडी में बड़े आकार के शोरूम और छोटे बूथ होंगे। कंपनियां शोरूम ले सकेंगी, जबकि किसान समूह बूथ के माध्यम से अपने उत्पाद बेचेंगे। यदि किसान चाहें तो उन्हें दुकानों का किराया विकल्प भी मिलेगा।
हिसार में स्थापित एचएयू के आर्गेनिक फार्म में सब्जियां, फल और अनाज का उत्पादन किया जा रहा है। यह फार्म पांच साल पहले किसानों को प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से बनाया गया था। इसमें केला, आड़ू, आलू बुखारा, सेब, संतरा, किन्नू और अमरूद सहित कई फलों के पौधे लगाए गए हैं। हिसार में आर्गेनिक मंडी बनने से हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, भिवानी और हांसी सहित 10-12 जिलों के किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। इससे किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य मिलेगा और खरीदारों को प्रमाणित फल-सब्जी उपलब्ध होंगी। डॉ. आरसी सिहाग, अतिरिक्त निदेशक, कृषि विभाग हरियाणा ने बताया कि हिसार में मंडी के लिए 7 एकड़ जमीन चिन्हित की जा चुकी है। जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा और कृषि एवं विपणन बोर्ड की ओर से डीपीआर तैयार कराई जाएगी।