नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में भड़की जंग की लपटें अब पाकिस्तान तक पहुंचती दिख रही हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में हिंसा भड़क उठी है। बताया जा रहा है कि इजरायल-अमेरिका के संयुक्त सैन्य ऑपरेशन में खामेनेई की मौत हुई, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए।
कराची में भड़की हिंसा, अमेरिकी दूतावास में आगजनी
सबसे ज्यादा असर Karachi में देखने को मिला। गुस्साए प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भीड़ ने अमेरिकी दूतावास की ओर कूच किया और परिसर में घुसने की कोशिश की। हालात तब और बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी। दूतावास के कुछ हिस्सों में आग लगा दी गई।
स्थिति को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया। लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो गोलीबारी करनी पड़ी। कराची में हिंसा और फायरिंग में करीब 16 लोगों की मौत की खबर है।
इस्लामाबाद, लाहौर और गिलगित में भी उग्र प्रदर्शन
हिंसा की आग सिर्फ कराची तक सीमित नहीं रही। राजधानी Islamabad और Lahore में भी प्रदर्शन उग्र हो गए। कई जगहों पर आगजनी और पथराव की घटनाएं सामने आईं। अब तक पूरे पाकिस्तान में 35 लोगों की मौत की सूचना है।
उधर Gilgit-Baltistan के Skardu में भी हालात तनावपूर्ण हैं। यहां संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी। हालात बिगड़ते देख गिलगित में कर्फ्यू लगा दिया गया है। कई शहरों में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।
दूतावासों का कामकाज ठप
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने सभी वीजा अपॉइंटमेंट रद्द कर दिए हैं। जर्मन दूतावास का कामकाज भी प्रभावित हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
शिया समुदाय में भारी आक्रोश
बताया जा रहा है कि खामेनेई की मौत से पाकिस्तान का शिया समुदाय गहरे आक्रोश में है। प्रदर्शनकारियों ने ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘इजरायल मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। कई जगहों पर हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं और हिंसा की आशंका बरकरार है। फिलहाल पूरे देश में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।