नई दिल्ली। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर वैश्विक चिंता बढ़ती दिख रही है। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था International Atomic Energy Agency (IAEA) के प्रमुख Rafael Grossi ने संकेत दिया है कि ईरान के पास अभी भी इतना संवर्धित यूरेनियम हो सकता है जिससे परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं।
जमीन के नीचे सुरंग में हो सकता है यूरेनियम
IAEA के अनुसार, ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम का बड़ा हिस्सा Isfahan के पास जमीन के नीचे बने टनल कॉम्प्लेक्स में रखा था। एजेंसी का मानना है कि यह सामग्री अभी भी उसी इलाके में मौजूद हो सकती है। IAEA के आकलन के मुताबिक, पिछले साल युद्ध से पहले ईरान के पास लगभग 440 किलोग्राम 60% तक संवर्धित यूरेनियम मौजूद था। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस स्तर के यूरेनियम को और अधिक शुद्ध किया जाए तो इससे करीब 10 परमाणु बम तैयार किए जा सकते हैं। ग्रॉसी ने बताया कि इस्फहान में अंतिम निरीक्षण के समय लगभग 200 किलोग्राम 60% शुद्धता वाला यूरेनियम पाया गया था।
अमेरिकी-इजरायली हमलों के बावजूद पूरी तरह नष्ट नहीं हुआ कार्यक्रम
साल 2025 में अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के कई परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था। इन हमलों में Northrop Grumman B-2 Spirit बमवर्षकों से भारी बंकर बस्टर बम गिराए गए थे, जो जमीन के सैकड़ों फीट नीचे तक तबाही मचा सकते हैं। हमले का लक्ष्य प्रमुख परमाणु केंद्र थे, जिनमें Natanz, Fordow Fuel Enrichment Plant और Isfahan Nuclear Technology Center शामिल थे। हालांकि इन हमलों में कई सुविधाओं को नुकसान हुआ, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इस्फहान के पास मौजूद अंडरग्राउंड टनल सिस्टम पूरी तरह नष्ट नहीं हो पाया।
परमाणु सामग्री हटाने के संकेत नहीं
IAEA प्रमुख के अनुसार, सैटेलाइट तस्वीरों और अन्य निगरानी तरीकों से अभी तक ऐसे कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं कि इस्फहान से परमाणु सामग्री को कहीं और शिफ्ट किया गया हो। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ संवर्धित यूरेनियम अभी भी नतांज केंद्र में मौजूद हो सकता है।
हमलों के बाद निरीक्षण की अनुमति नहीं
2025 में हुए हमलों के बाद से ईरान ने IAEA को अपने परमाणु भंडार की पूरी जानकारी नहीं दी है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को बमबारी से प्रभावित परमाणु ठिकानों का दौरा करने की अनुमति भी नहीं दी गई है।
स्पेशल फोर्स ऑपरेशन पर भी विचार
इसी बीच खबरें हैं कि अमेरिका ईरान के परमाणु भंडार को कब्जे में लेने या नष्ट करने के लिए गुप्त सैन्य मिशन पर भी विचार कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज को ईरान के भूमिगत परमाणु ठिकानों तक भेजने का विकल्प भी शामिल हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान के पास मौजूद यह संवर्धित यूरेनियम सुरक्षित बचा हुआ है, तो यह न केवल मिडिल ईस्ट बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।