भोपाल। ईद-उल-फितर के मौके पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस बार खुशी की जगह गम और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। शिया समुदाय ने ईद की नमाज मातम के माहौल में अदा की और इसे ‘काली ईद’ के तौर पर मनाया। दरअसल, ईरान पर हुए हमले और उनके सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर से समुदाय में गहरा दुख और नाराजगी फैल गई। इसी वजह से इस बार ईद की रौनक फीकी नजर आई।
काली पट्टियां बांधकर अदा की नमाज
भोपाल की फतेहगढ़ मस्जिद में शिया समुदाय के लोग काली पट्टियां बांधकर नमाज अदा करने पहुंचे। कई लोगों ने सादे और पुराने कपड़े पहनकर विरोध दर्ज कराया। नमाज के दौरान माहौल पूरी तरह गमगीन रहा और लोगों के चेहरों पर दुख साफ झलक रहा था। बच्चों ने भी काली पट्टियां पहनकर इस विरोध में हिस्सा लिया। समुदाय के लोगों का कहना था कि उनके “सुप्रीम लीडर” की मौत ने ईद की खुशियों को मातम में बदल दिया है।
नमाज के बाद लगे विरोध के नारे
नमाज के बाद खुतबे के दौरान मस्जिद परिसर में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की गई। समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि इस्लाम विरोधी ताकतों के कारण उनके धार्मिक नेता को अपनी जान गंवानी पड़ी। हालांकि पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनी रही, लेकिन लोगों का गुस्सा और आक्रोश खुलकर सामने आया।
मध्य प्रदेश में शिया समुदाय की मौजूदगी
मध्य प्रदेश में शिया समुदाय की आबादी करीब 10 हजार बताई जाती है, जिसमें से लगभग 4 हजार लोग भोपाल में रहते हैं। इसके अलावा इंदौर, रतलाम, सारंगपुर और बुरहानपुर जैसे शहरों में भी शिया समुदाय की अच्छी-खासी मौजूदगी है।