मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी ही बेटी की मौत के बाद उसका शव करीब पांच महीने तक घर में छिपाकर रखा। बदबू को छिपाने के लिए वह नियमित रूप से शव पर परफ्यूम छिड़कता रहा, जिससे किसी को शक न हो।
यह मामला सदर बाजार क्षेत्र के तेली मोहल्ले का है, जहां एक बंद पड़े मकान से 34 वर्षीय महिला का सड़ा-गला शव बरामद हुआ। मृतका की पहचान प्रियंका के रूप में हुई है, जो शिक्षित बताई जा रही है। घटना का खुलासा तब हुआ जब कई महीनों से मकान बंद रहने पर रिश्तेदारों को शक हुआ। दरवाजा खुलवाने पर अंदर का मंजर देखकर सभी सन्न रह गए। घर में गंदगी फैली हुई थी और एक कमरे में युवती का कंकाल पड़ा मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका के पिता उदय भान बिस्वास, जो शिक्षा विभाग से रिटायर कर्मचारी हैं, कुछ समय तक उसी घर में शव के साथ रहे। बदबू छिपाने के लिए वे लगातार परफ्यूम का इस्तेमाल करते रहे। बाद में घर बंद कर फरार हो गए। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, युवती की मौत नवंबर 2025 में हुई थी। हालांकि पिता ने दावा किया कि वह सदमे में घर छोड़कर चले गए थे, लेकिन जांच में मामला इससे कहीं ज्यादा गंभीर पाया गया।
अंधविश्वास बना बड़ी वजह
जानकारी के अनुसार, आरोपी लंबे समय से अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के प्रभाव में था। वर्ष 2013 में पत्नी की आत्महत्या के बाद उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। उसे शक था कि काला जादू उसकी पत्नी की मौत की वजह बना। इसी सोच के चलते जब जुलाई 2025 में बेटी की तबीयत बिगड़ी, तो उसने डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लिया। इलाज न मिलने से उसकी हालत खराब होती गई और अंततः उसकी मौत हो गई।
अंतिम संस्कार के खर्च से भी डरा आरोपी
हैरानी की बात यह है कि आरोपी हरिद्वार भी गया और वहां पुजारियों से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूछी. जब उसे बताया गया कि इसमें करीब 8,000 रुपये का खर्च आएगा, तो वह वापस लौट आया. हालांकि, घर में सड़ रही बेटी की लाश का सामना करने की हिम्मत वह नहीं जुटा सका और भागता रहा। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और शव के अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।