केरल में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके परिवार से जुड़े ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार सुबह ईडी की टीम ने तिरुवनंतपुरम स्थित विजयन के आवास समेत राज्यभर में 12 जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है, जिसमें विजयन की बेटी वीणा विजयन भी जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों के मुताबिक, ईडी ने तिरुवनंतपुरम, कोच्चि और कन्नूर समेत कई स्थानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया। एजेंसी कथित वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेनदेन की जांच कर रही है।
बेटी वीणा विजयन पर भी जांच की आंच
जांच एजेंसियों के अनुसार, CMRL से कथित तौर पर फर्जी खर्च और सेवाओं के नाम पर कई लोगों और कंपनियों को रकम ट्रांसफर की गई थी। आरोप है कि पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी वीणा विजयन की कंपनी को भी करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया, जबकि बदले में कोई वास्तविक सेवा नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि साल 2017 में वीणा विजयन की कंपनी ‘एक्सालॉजिक’ और CMRL के बीच सॉफ्टवेयर एवं मार्केटिंग सेवाओं को लेकर एक समझौता हुआ था। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी एग्रीमेंट की आड़ में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन किए गए।
2019 की IT रेड से खुला था मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत 2019 में हुई आयकर विभाग की छापेमारी से हुई थी। IT विभाग की जांच रिपोर्ट में पहली बार वीणा विजयन की कंपनी को किए गए संदिग्ध भुगतानों का उल्लेख सामने आया था। इसके बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, CMRL में सरकारी संस्था केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (KSIDC) की भी हिस्सेदारी है। विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने जनवरी 2024 में इस मामले की जांच सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) को सौंपी थी।
मार्च 2024 में दर्ज हुआ था मनी लॉन्ड्रिंग केस
SFIO की रिपोर्ट और आयकर विभाग की जांच के आधार पर ईडी ने मार्च 2024 में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। अब इसी केस में जांच को आगे बढ़ाते हुए एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी बेटी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है। ईडी की इस कार्रवाई के बाद केरल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि अभी तक पिनाराई विजयन या उनकी बेटी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।