पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मचे सियासी घमासान के बीच पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा ने बहरामपुर से सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान पर तीखा हमला बोला है। महुआ ने उन पर पार्टी के कथित बागी गुट का साथ देने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर खुलकर निशाना साधा।
दरअसल, TMC की बागी सांसद मानी जा रहीं काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि पार्टी के 20 सांसदों ने केंद्र की NDA सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है। उनके अनुसार इस समूह में यूसुफ पठान का नाम भी शामिल है। बताया जा रहा है कि इन सांसदों ने अपने फैसले की जानकारी लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर दी है।
इन घटनाक्रमों के बीच महुआ मोइत्रा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए यूसुफ पठान को संबोधित किया। उन्होंने लिखा, “यूसुफ पठान, क्या आप दिल्ली इसलिए जा रहे हैं क्योंकि अमित शाह ने आपको बुलाया है? थोड़ी हिम्मत दिखाइए। आपने भारत के लिए क्रिकेट खेला है और हमारे जिले की जनता ने आपको भारी मतों से जिताया है। जनता के विश्वास का सम्मान कीजिए।”
महुआ मोइत्रा ने इससे पहले भी TMC के बागी नेताओं पर निशाना साधा था। उन्होंने कथित बागी विधायकों और सांसदों को “पीली पैंट वाले” बताते हुए उन्हें लालची, स्वार्थी और अवसरवादी करार दिया था। साथ ही चुनौती दी थी कि यदि वे वास्तव में लोकप्रिय हैं तो TMC छोड़कर BJP के टिकट पर चुनाव लड़कर अपनी ताकत साबित करें।
गौरतलब है कि यूसुफ पठान गुजरात के बड़ौदा के निवासी हैं और क्रिकेट से राजनीति में आए हैं। IPL के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़े रहने के कारण उनकी पहचान पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी बनी। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में TMC ने उन्हें बहरामपुर सीट से उम्मीदवार बनाया था, जहां उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को 85 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया था।
हाल के दिनों में यूसुफ पठान एक अन्य राजनीतिक चर्चा को लेकर भी सुर्खियों में रहे। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं लोकसभा में आने की योजना बना रही हैं और इसके लिए उन्होंने यूसुफ पठान से बहरामपुर सीट खाली करने को कहा है। हालांकि, यूसुफ पठान ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने उनसे कभी इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा और न ही पार्टी के किसी नेता के माध्यम से ऐसा कोई संदेश दिया गया। फेसबुक पर जारी एक वीडियो में पठान ने स्पष्ट किया कि उनके इस्तीफे को लेकर चल रही सभी अटकलें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व की ओर से उन्हें ऐसी कोई सलाह या निर्देश नहीं मिला है।