पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपना पहला महीना पूरा कर लिया है। इस दौरान राज्य में कई प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियां चर्चा का विषय बनी रहीं। सरकार ने शुरुआती 30 दिनों में शिक्षा, कानून-व्यवस्था और निवेश से जुड़े कई फैसले लिए हैं, जिन पर व्यापक बहस जारी है।
सरकार के एक माह पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को मेदिनीपुर में प्रशासनिक समीक्षा बैठक की। बैठक में सांसद जून मालिया, विधायक सुइली साहा और सांसद दीपक अधिकारी समेत जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, बाढ़ नियंत्रण, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। जनप्रतिनिधियों ने भी क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।
सांसद जून मालिया ने मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी और जलजमाव की समस्या उठाई। विधायक सुइली साहा ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बेहतर करने तथा मनरेगा जैसी योजनाओं में तेजी लाने की मांग की। वहीं सांसद दीपक अधिकारी ने युवाओं के लिए रोजगार सृजन और स्टार्टअप योजनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकेन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मेदिनीपुर की सांस्कृतिक विरासत और विकास कार्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। राजनीतिक मोर्चे पर भी राज्य में हलचल बनी हुई है। विभिन्न दलों के नेताओं के राजनीतिक दल बदलने और नई राजनीतिक संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि इन दावों को लेकर आधिकारिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके साथ ही वे राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बने। शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया था, जहां राज्यपाल आर. एन. रवि ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। इससे पहले वह वर्ष 2021 से 2026 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके थे।