हिज्बुल्लाह के वरिष्ठ नेता नईम कासिम ने इजरायल और उसके प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि लेबनान के जिन क्षेत्रों पर इजरायल ने कब्जा कर रखा है, वहां से उसे बिना किसी शर्त के पूरी तरह हटना होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लेबनान और इजरायल के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की किसी भी संभावना को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आशूरा के मौके पर टीवी के माध्यम से हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए कासिम ने कहा, “इजरायल के पास लेबनान की हर इंच जमीन से पूरी तरह पीछे हटने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उसे बिना किसी शर्त के यहां से जाना होगा। उन्होंने आगे कहा कि जब लेबनान और इजरायल के अधिकारी वाशिंगटन में सीधी बातचीत कर रहे हैं, तब उनका रुख स्पष्ट है कि किसी भी तरह का सामान्यीकरण, शत्रुता खत्म करने की प्रक्रिया या इजरायल की आंशिक मौजूदगी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। कासिम के अनुसार, इजरायल को अंततः “अपमानित और पराजित होकर” ही यहां से जाना पड़ेगा।
नईम कासिम ने यह भी दावा किया कि हाल ही में हुए अमेरिका-ईरान समझौते को इजरायल और अमेरिका की कूटनीतिक हार के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समझौते के बाद हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच तनाव में भी बदलाव आया है। अपने संबोधन में उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल एक बड़े संघर्ष के जरिए उनके संगठन को खत्म करना चाहते थे, लेकिन वे अपने मकसद में सफल नहीं हो सके। कासिम ने कहा कि उनके संगठन ने हमलों को रोकते हुए “महत्वपूर्ण जीत” हासिल की है और एक नए चरण में प्रवेश किया है।