मुजफ्फरनगर पुलिस ने फर्जी रियल एस्टेट और ट्रेडिंग कंपनियों के जरिए निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले तीन शिक्षित युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने यूट्यूब से धोखाधड़ी के तरीके सीखकर लोगों को मोटे मुनाफे का झांसा दिया और करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। शिकायत मिलने के बाद जब तीनों आरोपी फरार होने की तैयारी में थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि थाना नई मंडी में आयोजित समाधान दिवस के दौरान 20 से 25 लोगों ने निवेश के नाम पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में हरेंद्र मलिया, दीपक चौधरी और प्रवीण कुमार के नाम सामने आए। तीनों ने मिलकर ग्लोबल टेक रियल एस्टेट और GT-FX ट्रेडिंग के नाम से फर्जी कंपनियां बनाई थीं और खुद को उनका संचालक बताकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करते थे। आरोपियों ने निवेशकों को एक लाख रुपये लगाने पर हर महीने करीब 10 प्रतिशत (सात हजार रुपये) रिटर्न देने का लालच दिया। इस झांसे में आकर 50 से 60 लोगों ने करोड़ों रुपये निवेश कर दिए। पुलिस के मुताबिक, कुछ सरकारी कर्मचारियों ने भी इन कंपनियों में पैसा लगाया था।
यूट्यूब से सीखा ठगी का तरीका
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अधिक पैसा कमाने की लालच में यूट्यूब के जरिए इस तरह की धोखाधड़ी के तरीके सीखे। ठगी से जुटाई गई रकम का एक हिस्सा शेयर बाजार समेत अन्य माध्यमों में निवेश किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास किसी भी प्रकार का वैध पंजीकरण नहीं था। पुलिस ने तीनों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और फर्जी कंपनियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के साथ BUDS Act-2019 के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और ठगी की रकम की विस्तृत जांच कर रही है।
ऑन ड्यूटी होमगार्ड की हत्या के दोषी को फांसी
इधर, ऑन ड्यूटी होमगार्ड की हत्या के बहुचर्चित मामले में मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 ने दोषी दीपक पुत्र लाल सिंह निवासी बुढ़ाना मोड़, थाना शहर कोतवाली को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह घटना 4 जून 2026 की है। शहर कोतवाली में तैनात कांस्टेबल इस्लाम अली और होमगार्ड रतिराम बुढ़ाना मोड़ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान गली नंबर-3 स्थित एक मकान से महिला के चीखने की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचने पर दोनों ने देखा कि दीपक अपनी मां के साथ मारपीट कर रहा था।
जब पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो आरोपी ने चाकू से होमगार्ड रतिराम पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल रतिराम को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोषी को मृत्युदंड सुनाते हुए इसे गंभीर अपराध माना।