हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में चिकित्सा क्षेत्र को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त ब्रेसियल प्लेक्सस एवं पेरिफेरल नर्व सर्जन **ब्रिगेडियर (डॉ.) पी. एस. भंडारी (वीएसएम)** अब **पीएसपीएस अस्पताल** (या संबंधित सुपरस्पेशियलिटी सेटअप) के माध्यम से अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। 20 वर्षों से अधिक के अनुभव वाले इस प्रतिष्ठित सर्जन ने हजारों मरीजों को नया जीवन दिया है, और अब उत्तराखंड एवं आसपास के क्षेत्रों के लोग उच्च स्तरीय विशेषज्ञ उपचार के लिए दिल्ली या विदेश जाने की मजबूरी से मुक्त हो सकेंगे।
डॉ. भंडारी भारतीय सेना में ब्रिगेडियर के पद पर रह चुके हैं और उन्होंने **आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर), दिल्ली कैंट** तथा **एएफएमसी, पुणे** में रिकंस्ट्रक्टिव माइक्रोसर्जरी विभाग के प्रमुख के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने ब्रेसियल प्लेक्सस एवं पेरिफेरल नर्व सर्जरी के क्षेत्र में नए केंद्र स्थापित किए, जहां जन्मजात पाल्सी (Erb’s Palsy), वयस्क ब्रेसियल प्लेक्सस इंजरी, ट्रॉमा से जुड़ी नर्व क्षति जैसी जटिल समस्याओं का सफल इलाज किया जाता है।
**योग्यता और उपलब्धियां**
– एमएस (सर्जरी), एमसीएच (प्लास्टिक सर्जरी)
– राष्ट्रपति से **वीएसएम (विशिष्ट सेवा मेडल)** प्राप्त
– **WHO फेलोशिप** – रॉयल नॉर्थ शोर हॉस्पिटल, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया
– अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप – एसोसिएशन ऑफ प्लास्टिक सर्जन्स ऑफ इंडिया, लेर्डसिन जनरल हॉस्पिटल, बैंकॉक, थाईलैंड
– **भारत में ब्रेसियल प्लेक्सस सर्जरी ग्रुप** के वर्तमान **अध्यक्ष**
– **जर्नल ऑफ पेरिफेरल नर्व सर्जरी** के **एडिटर-इन-चीफ**
– 50 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित शोध पत्र (जैसे Journal of Hand Surgery American Volume, Journal of Neurosurgery Spine आदि)
– देश-विदेश में दर्जनों आमंत्रित व्याख्यान एवं प्रस्तुतियां
डॉ. भंडारी ने ब्रेसियल प्लेक्सस इंजरी के माइक्रोसर्जिकल रिकंस्ट्रक्शन में विशेषज्ञता हासिल की है। उनके द्वारा किए गए कई ऑपरेशनों के परिणाम यूट्यूब एवं सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं, जहां मरीजों की सफल रिकवरी की कहानियां देखी जा सकती हैं। कई मरीजों ने अपनी जिंदगी में हाथों की गति एवं शक्ति वापस पाकर सामान्य जीवन जीना शुरू किया है।
पीएसपीएस अस्पताल प्रबंधन ने डॉ. भंडारी की इस नई जिम्मेदारी पर प्रसन्नता जताई है। अस्पताल के अनुसार, अब स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय ब्रेसियल प्लेक्सस एवं पेरिफेरल नर्व सर्जरी उपलब्ध होगी, जिससे मरीजों का समय, धन और परेशानी बचेगी।
डॉ. भंडारी ने कहा, “ब्रेसियल प्लेक्सस इंजरी अक्सर दुर्घटना, ट्रॉमा या जन्म के समय होती है, और समय पर सही इलाज से 80-90% मामलों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। मैं हल्द्वानी में रहकर उत्तराखंड के लोगों की सेवा करने को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।”
यह कदम हल्द्वानी को उत्तराखंड का एक प्रमुख मेडिकल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. भंडारी की उपस्थिति से न केवल ब्रेसियल प्लेक्सस इंजरी के मरीज लाभान्वित होंगे, बल्कि युवा डॉक्टरों को भी प्रशिक्षण एवं प्रेरणा मिलेगी।
**संपर्क के लिए:** पीएसपीएस अस्पताल, हल्द्वानी (विस्तृत जानकारी अस्पताल से प्राप्त की जा सकती है)।
यह उपलब्धि न केवल डॉ. भंडारी की व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक गर्व का क्षण है।

