देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के बीच राज्य प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चारधाम यात्रा को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम में सुधार और यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी के तहत गढ़वाल मंडल आयुक्त ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्गों पर मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
प्रदेश में मौसम विभाग की ओर से जारी भारी बारिश के अलर्ट के बाद 11 जिलों में कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। सुबह से ही राज्य के कई इलाकों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे कई मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें। मौसम, सड़क और यात्रा से जुड़ी जानकारी केवल प्रशासन और संबंधित विभागों की आधिकारिक सूचना के आधार पर ही लें तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
इस बीच, ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में भी रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। हालांकि गंगा नदी का जलस्तर फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे बना हुआ है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जलस्तर में किसी भी बदलाव की निगरानी की जा रही है।
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम सामान्य होने तक सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम की स्थिति में सुधार के बाद ही चारधाम यात्रा को दोबारा शुरू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।