नई दिल्ली। दिल्ली में जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच सोमवार को सरकार और संगठन के बीच बातचीत की शुरुआत हुई। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जिसके बाद आंदोलन से जुड़ा एक अहम घटनाक्रम सामने आया। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि वह और संगठन के प्रतिनिधि आशुतोष रांका केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच बैठक हुई। इस दौरान संगठन की प्रमुख मांगों से जुड़ा एक लिखित ज्ञापन भी मंत्री को सौंपा गया। प्रवक्ता के अनुसार, नड्डा ने आश्वासन दिया कि सरकार इन मांगों पर आंतरिक स्तर पर गंभीरता से विचार करेगी।
बैठक के बाद जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना उपवास समाप्त कर दिया। बताया गया कि यह फैसला सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आग्रह पर लिया गया। वांगचुक ने दीपके से आंदोलन को लंबी लड़ाई मानते हुए अपनी ऊर्जा और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की थी। गौरतलब है कि सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद अभिजीत दीपके ने उनके समर्थन में भूख हड़ताल शुरू की थी। सोमवार को संसद मार्च में शामिल होने से पहले उन्होंने जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया।
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने भी पुष्टि की कि वांगचुक ने दीपके से उपवास खत्म करने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए कार्यकर्ताओं का स्वस्थ रहना भी उतना ही जरूरी है। बता दें कि सोनम वांगचुक 28 जून से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही तय करने और शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की मांग को लेकर अनशन पर हैं। आंदोलन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल रही है।
इसी क्रम में सोमवार को CJP ने संसद मार्च का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं और समर्थकों ने भाग लिया। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोक दिया। अब सरकार और आंदोलनकारियों के बीच शुरू हुई बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।