दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो मार्च’ के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर दाखिल अर्जेंट याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता की मौखिक अपील स्वीकार नहीं की और मामले में वीडियो देखने से भी साफ इनकार कर दिया।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई से जुड़े कई वीडियो मौजूद हैं और अदालत उन्हें देखकर स्वतः संज्ञान ले सकती है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है। उन्होंने वकील से कहा कि अदालत और अपना समय व्यर्थ न करें।
CJI ने टिप्पणी करते हुए कहा, “हम कोई वीडियो नहीं देखना चाहते। कृपया हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए। आपका समय हमारे समय से भी अधिक महत्वपूर्ण है।”
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद
राष्ट्रीय राजधानी में NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर कई दिनों से प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में निकाले गए ‘संसद चलो मार्च’ के दौरान हालात बिगड़ गए और प्रदर्शन हिंसक हो गया। घटना के दौरान पथराव और झड़पों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए।
हिंसा मामले में 10 एफआईआर दर्ज
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के संबंध में अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें संसद मार्ग, कनॉट प्लेस, मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ थाना क्षेत्रों में मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, विशेष जांच टीमें पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं। जांच के दौरान 250 से अधिक वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा सके और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने लाई जा सके।