पेपर लीक मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) समेत कई नेताओं ने कहा कि केवल घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि छात्रों की प्रमुख मांगों पर भी सरकार को स्पष्ट कदम उठाने होंगे।
प्रियंका गांधी ने सरकार से पूछा सवाल
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों की मांगें स्पष्ट हैं और सरकार को पहले उन पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, तो सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है और उसे दोबारा मजबूत करने के लिए ठोस फैसलों की आवश्यकता है।
केसी वेणुगोपाल बोले- पहले जवाबदेही तय हो
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार को केवल भविष्य की घोषणाएं करने के बजाय मौजूदा हालात पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों से संवाद स्थापित करना और जिम्मेदारी तय करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
सपा ने उठाया छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा
समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा अपनी जगह है, लेकिन आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्रों और उनकी मांगों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार युवाओं को संदेश देना चाहती है तो उसे संसद के भीतर इस विषय पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए।
JMM ने सरकार की भूमिका पर उठाए सवाल
झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी ने कहा कि लंबे समय तक छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बावजूद सरकार ने बातचीत की पहल नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि समय रहते संवाद होता तो हालात इतने तनावपूर्ण नहीं बनते।
कुमारी शैलजा ने कहा- सिर्फ घोषणा से बात नहीं बनेगी
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि अभी तक सरकार की ओर से केवल घोषणा की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी है। उन्होंने कहा कि लोग अब फैसलों और जवाबदेही की उम्मीद कर रहे हैं, केवल आश्वासनों की नहीं।
पीएम ने किया था फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा था कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और सरकार विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री की इस घोषणा के बाद विपक्ष ने इसे पर्याप्त नहीं बताते हुए छात्रों की अन्य मांगों पर भी तत्काल निर्णय लेने की मांग की है।