कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारत के लिए शानदार शुरुआत हुई। भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर देश की झोली में लगातार दो स्वर्ण पदक डाल दिए। इन जीतों के साथ मुक्केबाजी में भारत का दूसरा और कुल सातवां गोल्ड मेडल आया।
प्रीति पवार ने रचा इतिहास
महिलाओं के 54 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा अंदाज में हराकर पहला कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पूरे मुकाबले में प्रीति ने तीनों राउंड में दबदबा बनाए रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड जीत लिया। फाइनल तक पहुंचने के सफर में प्रीति ने राउंड ऑफ-16 में डेबोरा मटेंजे, क्वार्टर फाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की निकोल क्लाइड और सेमीफाइनल में जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को हराया था।
जैस्मिन लंबोरिया ने भी दिलाया गोल्ड
महिलाओं के 57 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जैस्मिन लंबोरिया ने नॉर्दर्न आयरलैंड की मिकेला वॉल्श को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। पहले राउंड में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां जैस्मिन ने 3-2 के स्प्लिट फैसले से बढ़त बनाई। दूसरे राउंड में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी जजों से पूरे अंक हासिल किए और अंततः 5-0 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन तक भारत के खाते में कुल 25 पदक हो चुके हैं, जिनमें 7 गोल्ड, 10 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसी के साथ भारत पदक तालिका में छठे स्थान पर पहुंच गया है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 132 पदकों के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।