रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र डटे हुए हैं। सरकार और छात्रों के बीच तीन दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद अब प्रदर्शनकारी सोमवार को झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे। छात्रों का विधानसभा मार्च सुबह 10 बजे शुरू होगा।
छात्रों के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। विधानसभा के आसपास कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है और कंटीले तार लगाए गए हैं। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालने की अपील की गई है। वहीं, छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
रांची में जुट रहे अभ्यर्थी
रविवार सुबह से ही झारखंड के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुंचने लगे। पुरानी विधानसभा परिसर और मोरहाबादी मैदान के आसपास छात्रों की भीड़ बढ़ने से प्रदर्शन के लिए लगाया गया पंडाल भी छोटा पड़ गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विधानसभा मार्च के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। वहीं, रांची जिला प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से उग्र प्रदर्शन या किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं होने की अपील की है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया है कि राज्य के विभिन्न जिलों से रांची आ रहे कई छात्रों को पुलिस बलपूर्वक रोक रही है। दूसरी ओर, रविवार आधी रात से जमशेदपुर में भी निषेधाज्ञा के तहत धारा 163 लागू कर दी गई है।
तीसरे दौर की बातचीत में भी नहीं बनी बात
रविवार को सरकार के प्रतिनिधियों और छात्र नेताओं के बीच तीसरे दौर की बातचीत हुई। यह बैठक पांच घंटे से अधिक समय तक चली। सरकार ने छात्रों की कई अहम मांगों पर सहमति जताते हुए आंदोलन खत्म करने की कोशिश की। सरकार 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और मामले की जांच कराने पर तैयार है। इसके अलावा कुछ अन्य मांगों पर भी सहमति बनी है। हालांकि, CBI जांच समेत कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। इन्हीं मुद्दों को लेकर छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
विधानसभा मार्च को लेकर पुलिस अलर्ट
छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने पुलिस प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एडीजी ने छात्रों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से चल रहे आंदोलन के दौरान छात्रों ने अनुशासन बनाए रखा है और आगे भी यह व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे असामाजिक तत्वों और उपद्रव करने वालों को मार्च में शामिल होने से रोकें।