लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ नेता अनन्त कुमार मिश्रा उर्फ अन्टू मिश्रा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में तत्काल प्रभाव से बसपा से निष्कासित कर दिया। कानपुर क्षेत्र में प्रभाव रखने वाले अन्टू मिश्रा का निष्कासन चुनावी माहौल में राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
मायावती ने क्या कहा?
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि अनन्त कुमार मिश्रा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बसपा से बाहर किया गया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील की कि चुनावी माहौल में विरोधियों के हर हथकंडे से सतर्क रहें और पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ बसपा के अंबेडकरवादी मिशन को सफल बनाने में जुटें।
अनन्त कुमार मिश्रा का राजनीतिक सफर
अनन्त कुमार मिश्रा ने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। वह कानपुर के क्राइस्ट चर्च कॉलेज छात्रसंघ के सचिव और बाद में NSUI के उत्तर प्रदेश महासचिव भी रहे। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी और फिर भाजपा का दामन थामा, लेकिन विधानसभा चुनावों में सफलता नहीं मिली। साल 2006 में वह बसपा में शामिल हुए। 2007 के विधानसभा चुनाव में सरसौल सीट से हारने के बावजूद मायावती ने उन्हें अपनी सरकार में स्वास्थ्य राज्य मंत्री बनाया। बाद में फर्रुखाबाद सदर सीट से चुनाव जीतने के बाद वह राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बने।
पहले समधी अशोक सिद्धार्थ पर भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले 2 अगस्त को मायावती ने पूर्व राज्यसभा सांसद और अपने समधी अशोक सिद्धार्थ को भी अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में बसपा से निष्कासित कर दिया था। साथ ही उन्हें पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से भी मुक्त कर दिया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को बसपा नेतृत्व का संगठन में अनुशासन मजबूत करने और विधानसभा चुनाव से पहले सख्त संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है।