नई दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर तुर्किए और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। तुर्किए ने गाजा जा रहे एक अंतरराष्ट्रीय फ्लोटिला को रोके जाने के मामले में नेतन्याहू समेत इजरायल के एक अन्य अधिकारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने की बात कही है। तुर्किए के न्याय मंत्री अकिन गुरलेक के मुताबिक, दोनों के खिलाफ इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
फ्लोटिला रोकने के मामले में कार्रवाई
तुर्किए के न्याय मंत्री ने आरोप लगाया कि मई 2026 में राहत सामग्री लेकर गाजा की ओर बढ़ रहे अंतरराष्ट्रीय फ्लोटिला को इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में रोक दिया था। इस काफिले में कई देशों के मानवाधिकार कार्यकर्ता शामिल थे। तुर्किए का दावा है कि इस कार्रवाई के बाद 40 से ज्यादा देशों के 430 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था। इसी मामले को लेकर इस्तांबुल की अदालत में नेतन्याहू और कुछ अन्य इजरायली अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू किए जाने की बात कही गई है।
नेतन्याहू पर लगाए गए गंभीर आरोप
तुर्किए की ओर से नेतन्याहू पर नरसंहार, मानवता के खिलाफ अपराध, शारीरिक और मानसिक यातना, अवैध हिरासत और जहाजों को जबरन रोकने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। तुर्किए का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। हालांकि, इन आरोपों पर इजरायल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और तुर्किए के कदम को राजनीतिक कार्रवाई बताया है। इजरायल की ओर से आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया है कि इस वारंट का कोई वैध कानूनी आधार नहीं है।
क्यों बिगड़े हैं तुर्किए-इजरायल के रिश्ते?
तुर्किए और इजरायल के संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। खासकर गाजा और फिलिस्तीन के मुद्दे पर तुर्किए लगातार इजरायल की नीतियों की आलोचना करता रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव 2010 में और बढ़ गया था, जब गाजा की ओर जा रहे एक प्रो-फिलिस्तीनी फ्लोटिला पर इजरायली कमांडो कार्रवाई में 10 तुर्किए नागरिकों की मौत हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में लंबे समय तक खटास बनी रही।